हाईटेक हुआ इलाज : टैबलेट पर दर्ज होगा मरीजों का ब्यौरा

रांची. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आईटी का उपयोग स्वास्थ्य के क्षेत्र में ज्यादा-से-ज्यादा होना चहिए, जिससे आम लोगों को स्वास्थ्य सेवा आसानी से पहुंचाया जाए. हम सभी को राज्य के हर एक गरीब परिवार के प्रति जिम्मेवार बनना होगा और स्वास्थ्य सुविधाओं को जन-जन तक पहुंचाने के काम करना होगा. मुख्यमंत्री शनिवार को रांची के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, नामकुम में एनसीडी जूम सॉफ्टवेयर(जूम सॉफ्टवेयर) के उद्घाटन के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे. जूम सॉफ्टवेयर के आने के बाद टैबलेट पर मरीजों के इलाज का ब्यौरा ऑनलाईन सुरक्षित किया जाएगा.

इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया तथा यहाँ चल रहे कार्यक्रमों की जानकारी भी ली.

आयुष्मान भारत कार्यक्रम के तहत एक जनसंख्या आधारित स्क्रिनिंग के लिए माननीय प्रधानमंत्री की ओर से छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिला के जंगला स्वास्थ्य उपकेन्द्र से सॉफ्टवेयर लांच किया गया है.  इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, नामकुम से मुख्यमंत्री ने इसे सक्रिय कर इसकी शुरूआत की. उन्होंने कहा कि यह सॉफ्टवेयर को निचले स्तर की सूचना से आगे के स्तर तक संधारित(पहुंचाने) करने की दिशा में एक अच्छी पहल है, जिससे शुरूआती दौर में भारत के 150 पीएचसी और इसके सब सेंटर लाभांवित होंगे.

पहले चरण में झारखंड के तीन जिले रांची, धनबाद और बोकारो के तीस सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के 586 स्वास्थ्य उपकेन्द्र लाभांवित होंगे.

डेटा भरने की प्रक्रिया

ज्ञात हो कि भारत सरकार की ओर से तैयार किये गए सॉफ्टवेयर के जरिये अपने-अपने क्षेत्रों के 30 साल या उससे अधिक आयु वाली जनसंख्या का सहिया द्वारा हेल्थ कार्ड पर पंजीकरण के बाद स्वास्थ्य उपकेन्द्रों पर उपलब्ध कराये जा रहे मोबाइल-टैबलेट से एएनएम द्वारा उन मरीजों का डाटा संधारण करते हुए गैर संचारी रोगों से संबंधित सभी प्रकार के जांच एवं परिणाम टैबलेट पर अंकित किया जाना है. उसके बाद रेफर मरीजों का डाटा सीएचसी के चिकित्सा पदाधिकारी पोर्टल पर खुद-ब-खुद रक्षित हो जायेगा, जिससे मरीज जब उक्त सीएचसी में चिकित्सक से अपनी जांच कराने पहुंचे तो उसका पूर्ण ब्यौरा चिकित्सक के पास उपलब्ध होगा, जिसके आधार पर जांच की पुष्टि करते हुए चिकित्सक उपचार करेंगे अथवा आवश्यकतानुसार उच्च संस्थानों को रेफर करेंगे.

गैर संचारी रोगों में हाइपरटेंशन, डाइबिटीज, मुंह का कैंसर, सरवाईकल कैंसर का नाम आता है.

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक कृपानन्द झा, निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सुमंत मिश्रा, उपनिदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. पाठक, सिविल सर्जन, रांची मौजूद रहे.

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