महिला दिवस विशेष : हिमाचली महिलाओं ने छुआ मायानगरी का आसमान

हिमाचली महिलाओं के बारे में जिन्होंने फिल्मी दुनिया में अपनी अलग कहानी लिखी - Panchayat Times

शिमला. हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक स्थिति बेहद कठिन है पर इसकी खूबसूरती लाजवाब है. इसी तरह हिमाचली महिलाओं को अपनी मंजिल पाने में थोड़ी कठिनाई जरूर होती हैं पर वो भी आसमान छू सकते हैं. इस वक्त हर क्षेत्र में हिमाचल की महिलाएं नाम रोशन कर रही हैं. आइये जानते हैं महिला दिवस पर उन हिमाचली महिलाओं के बारे में जिन्होंने फिल्मी दुनिया केे रुपहले पर्दे परअपनी जगह बनाई हैं.

हिमाचली महिलाओं के बारे में जिन्होंने फिल्मी दुनिया में अपनी अलग कहानी लिखी - Panchayat Times

शिमला में डिंपल गर्ल यानि प्रीती जिंटा

प्रीती जिंटा का जन्म शिमला के रोहरू में हुआ था. पिता दुर्गानंद जिंटा भारतीय थलसेना में अफसर थे. जब जिंटा महज 13 वर्ष की थीं तभी उनके पिता एक कार दुर्घटना में चल बसे और उनकी मां, निलप्रभा को गंभीर चोंटें आई. जिसके चलते वे दो वर्षों तक बिस्तर पर ही रहीं. ज़िंटा ने इस दुखद हादसे को अपने जीवन का अहम मोड़ बताया, जिसके चलते वह जल्द ही समझदार और गंभीर बन गई. उनके दो भाई है, दीपांकर और मनीष, एक बड़ा और एक छोटा. दीपांकर भारतीय थलसेना में अफसर हैं और मनीष कैलिफोर्निया में रहते हैं. आज उन्हें किसी तारीफ की जरूरत नहीं है. इन्होंने हिंदी, तेलगू, पंजाबी और अंग्रेजी फिल्मों में अपने अभिनय से प्रशंसकों दिल जीता है. मनोविज्ञान में उपाधि  ग्रहण करने के बाद ज़िंटा ने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत ‘दिल से…’ से की. उसके बाद ‘सोल्जर’ में दोबारा दिखीं. फिल्म क्या कहना में कुँवारी माँ के किरदार के लिए काफ़ी सराहा गया. जिंटा को 2003 में ‘कल हो ना हो’ फ़िल्म के लिए फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार दिया गया.

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हिमाचली क्वीन कंगना

कंगना रनौत हिंदी फिल्मों की एक प्रसिद्ध अभिनेत्री हैं लेकिन क्या आपको मालूम है की वह हिमाचली हैं. फिल्म क्वीन में अपने जबरदस्त अभिनय के कारण कंगना को बॉलीवुड का क्वीन भी कहा जाता है. कंगना का जन्‍म एक राजपूत परिवार में हिमाचल प्रदेश में हुआ था. उनके पिता का नाम अमरदीप रानाउत और मां का नाम आशा रानाउत है. उनकी एक बड़ी बहन भी हैं जिनका नाम रंगोली है और एक छोटा भाई है जिसका नाम अक्षत है.

कंगना की पढ़ाई डीएवी स्‍कूल चंडीगढ़ से हुई थी. उनका परिवार उन्‍हें मेडिकल के पेशे में भेजना चाहता था पर 16 साल की उम्र में ही वे दिल्‍ली आ गईं. उनके मन में अभिनेत्री बनने का सपना घर कर चुका था. उनके करियर की शुरुआत मॉडलिंग और थियेटर से हुई थी पर उनके फिल्‍मी करियर की शुरूआत फिल्‍म ‘गैंगस्‍टर’ से हुई. इस फिल्‍म के लिए उन्‍हें फिल्‍मफेयर का सर्वश्रेष्‍ठ नवोदित अभिनेत्री का पुरस्‍कार मिला. ‘वो लम्‍हें’, ‘लाइफ इन अ मेट्रो’, ‘फैशन’ और ‘क्‍वीन’ जैसी फिल्‍मों में उनकी एक्टिंग लाजवाब थी. ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ में शानदार अभिनय के लिए कंगना को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया.

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आईएएस अधिकारी बनना चाहती थीं यामी

यामी गौतम का बॉलीवुड में प्रवेश विकी डोनर फिल्म से हुआ. इनके पिता मुकेश गौतम जी न्यूज़ चैनल में संयोजक हैं. यामी पहले एक आईएएस अधिकारी बनना चाहती थीं पर उनकी मंजिल तो फिल्मी दुनिया थी. वह मूल रूप से हिमाचल प्रदेश की हैं. उन्होंने दूरदर्शन से कैरियर की शुरुआत चाँद के पार चलो धारावहिक से की. पर वह कलर्स चैनल पर आने वाले ये प्यार न होगा कम धारावाहिक से मशहूर हुईं. दक्षिण फिल्मों में भी इन्होंने काम किया है.

 

रुबीना दिलाइक हिमाचल से

शिमला के एक सिख परिवार में

अभिनेत्री रुबीना दिलाइक हिमाचल से हैं. रूबीना का जन्म 26 अगस्त, 1987 को, शिमला हिमाचल प्रदेश में हुआ. वे शिमला में पली-बढ़ी हैं. जिसके चलते हिमाचल और खासकर शिमला उनके दिल के काफी करीब हैं. रुबीना जितनी देखने में खूबसूरत हैं। वे अपने किरदरों में भी उतनी ही खूबसूरती से ढ़ल जाती हैं। जिसके चलते उन्हें अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है। रुबीना को ‘जी रिश्ते अवॉर्ड’ और ‘दादा साहेब फाल्के फिल्म फाउंडेशन अवॉर्ड’ भी मिल चुका है. रुबीना सबसे अधिक फेमस जीटीवी पर आने वाले धारावाहिक ‘छोटी बहु’ से हुईं.

शिमला के एक सिख परिवार में जन्मीं प्रिया राजवंश

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प्रिया राजवंश, जिनका जन्म का नाम वेरा सुन्दर सिंह था, हिन्दी फ़िल्म की अभिनेत्री थीं. उन्होंने सिर्फ़ चेतन आनंद की बनाई फ़िल्मों में ही काम किया है. उनकी कुछ उल्लेखनीय फ़िल्म ‘हक़ीक़त’ (1964), ‘हीर राँझा’ (1970) तथा ‘हँसते ज़ख़्म’ (1973) हैं. प्रिया का जन्म शिमला के एक सिख परिवार में हुआ. उनके पिता सुन्दर सिंह वन विभाग में संरक्षक थे. उनका पालन-पोषण उनके भाइयों कमलजीत सिंह (गुलु) और पदमजीत सिंह के साथ शिमला में हुआ. 27 मार्च, सन 2000 में इनका निधन मुंबई में हो गया.

कसौली में टिस्का का जन्म

शिमला के एक सिख परिवार में

टिस्का चोपड़ा एक भारतीय फ़िल्म तथा स्टेज अभिनेत्री हैं. इनकी पहली हिंदी फ़िल्म ‘प्लेटफ़ॉर्म’ थी, जो 1993 में प्रदर्शित हुई थी.जिसमें उन्होंने अजय देवगन के साथ काम किया था. 2005 में इन्होंने प्रकाश झा की फ़िल्म लोकनायक में प्रभावती देवी का किरदार निभाया था. आमिर ख़ान के साथ टिस्का को‘तारे जमीन पर’ फ़िल्म में काम करने का मौका मिला. ‘दिल तो बच्चा है जी’में भी अभिनय करने का मौका मिला. टिस्का चोपड़ा का जन्म पंजाबी परिवार में हुआ. वह हिमाचल प्रदेश के कसौली की रहने वाली हैं. बता दें कि टिस्का चोपड़ा भारतीय लेखक खुशवंत सिंह की पौती हैं. टिस्का ने अपनी पढ़ाई एपीजे स्कूल से की उसके बाद स्नातक की पढ़ाई दिल्ली यूनवर्सिटी के हिन्दू कॉलेज से पूरी की. कॉलेज के दिनों से ही अभिनय में दिलचस्पी रखने वाली टिस्का जल्दी ही मुंबई पहुंच गईं. ये तो बस हमने कुछ चुनिंदा नाम ही बताए हैं लिस्ट तो बहुत लंबी है.