हिमाचल सरकार ने दस फीसदी आरक्षण किया लागू

हिमाचल सरकार ने दस फीसदी आरक्षण किया लागू-Panchayat Times
साभार इंटरनेट

शिमला. जय राम सरकार ने हिमाचल में आर्थिक तौर पर कमजोर वर्गों के गरीबों के लिए दस फीसद आरक्षण लागू कर दिया है. मंत्रिमंडल के फैसले के बाद सरकार ने आरक्षण लागू करने को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है. प्रदेश में सालाना चार लाख तक की आमदन वाले गरीबों को दस फीसद आरक्षण का लाभ मिलेगा.

आय के साथ-साथ अन्य किसी भी प्रमाण पत्र के फर्जी पाए जाने के बाद सरकार दोषी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करेगी. आय के साथ-साथ सरकार ने इसकी अन्य शर्तों को भी अधिसूचित किया है. आरक्षण पाने गरीब परिवार के पास गांव में एक हैक्टेयर और शहर में 500 वर्ग मीटर से अधिक भूमि नहीं होनी चाहिए.

दस फीसद आरक्षण देने का फैसला

गौरतलब है कि लोक सभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले केंद्र सरकार ने देश में आर्थिक तौर पर गरीबों को दस फीसद आरक्षण देने का फैसला लिया था. गरीबों को दस फीसद आरक्षण एससी, एसटी, ओबीसी व बीपीएल को मिलने वाले आरक्षण से इतर होगा. हालांकि चुनावी आचार संहिता लागू होने से पहले जय राम सरकार ने भी इसे सैद्धांतिक तौर पर लागू करने का निर्णय लिया था. मगर बीते दिनों हुई मंत्रिमंडल की बैठक में गरीबों को मिलने वाले आरक्षण पर चर्चा के बाद सरकार ने मंगलवार को अधिसूचना जारी कर दी है.

आईपीसी के प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी

सरकार की अधिसूचना के मुताबिक प्रदेश के सरकारी अदारों व बोर्डों निगमों में सीधी भर्ती से होने वाली भर्ती में आरक्षण लागू होगा. आरक्षण प्रथम,द्वितीय , तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के सभी पदों पर लागू होगा. बाकायदा सरकार ने इसे लेकर आरक्षण रोस्टर भी तय किया है. आरक्षण पाने वाले गरीबों के परिवार की कुल सालाना आय चार लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए. आय प्रमाण पत्र जारी करने को डीसी, एडीएम, एडीसी , एसडीएम व राजस्व अधिकारी को अधिकृत किया गया है. 10 फीसद आरक्षण के तहत खाली पद पर भर्ती के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों को आवेदन की अंतिम तारीख खत्म होने से पहले प्रमाण पत्र जारी करना होगा. नियुक्ति करने वाले अधिकारी प्रमाण पत्रों की जांच करेंगे. प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने की स्थिति में आईपीसी के प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी.

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केंद्र व राज्य सरकार के नियमित, अनुबंध अथवा दैनिक भोगी कर्मचारियों के परिजन आरक्षण लेने के पात्र नहीं होंगे. साथ ही आय की गणना के वक्त कृषि, व्यापार, वेतन व प्रोफेशन से होने वाली आय भी गिनी जाएगी. गांव अथवा शहर में 25 सौ वर्ग मीटर से छोटा मकान होने पर ही आरक्षण का लाभ मिलेगा.

अधिसूचना के मुताबिक दस फीसद आरक्षण के तहत जिन भी पदों के लिए आवेदन मांगे जाएंगे उनका बैकलॉग नहीं होगा. आरक्षण पाने वाले वर्ग के अ यर्थी के अनुपलब्ध होने की स्थिति में अनारक्षित सामान्य वर्ग के प्रत्याशियों से पद को भरा जाएगा. सनद रहे कि एससी, एसटी व ओबीसी के लिए आरक्षित पदों का बैकलॉग भी भरा जाता है. अनारक्षित वर्ग के बीपीएल दस फीसद आरक्षण के दायरे से बाहर होंगे, क्योंकि इन्हें पहले से ही आरक्षण दिया जाता है. इस तरह अब प्रदेश में एससी को 15, एसटी को 7.5 , ओबीसी को 12 औरआर्थिक तौर पर कमजोर वर्गों के उम्मीदवारों को 10 फीसद आरक्षण मिलेगा.