हिमाचल | बगैर पार्टी चुनाव चिन्ह के हो सकते हैं मई में प्रस्तावित शिमला नगर निगम चुनाव, पिछले साल हुए 4 निगमों के चुनाव के बाद चल रहा है मंथन

हिमाचल | बगैर पार्टी चुनाव चिन्ह के हो सकते हैं मई में प्रस्तावित शिमला नगर निगम चुनाव, पिछले साल हुए 4 निगमों के चुनाव के बाद चल रहा है मंथन - Panchayat Times

शिमला. मंडी लोकसभा और तीन विधानसभा उपचुनाव में हुई हार के बाद अब प्रदेश भाजपा ने मई में प्रस्तावित शिमला नगर निगम चुनाव पर चर्चा करनी शुरू कर दी है. प्रदेश सरकार चाह रही है कि नगर निगम शिमला के चुनाव पार्टी चिह्न के बिना करवाए जाएं. कोरोना वायरस के चलते निगम चुनाव को आगे टालने की परिस्थिति भी बन सकती है.

मंडी, पालमपुर, धर्मशाला और सोलन नगर निगमों के चुनावों ने दिखाई राह

2021 में हुए मंडी, पालमपुर, धर्मशाला और सोलन नगर निगमों के चुनाव ने प्रदेश भाजपा को एक तरह की राह दिखाई है. 2021 में हुए इन चुनावों में भाजपा को जोड़तोड़ करने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी थी. मामलें से जुड़े जानकारों का मानना है कि प्रदेश में 2022 के अंतिम पखवाड़े में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाह रही है.

क्या थे पिछले साल हुए चारों विधानसभा के नतीजे

सरकार ने पिछले साल नए बनाए तीनों नगर निगमों सोलन, मंडी और पालमपुर के अलावा चौथे धर्मशाला नगर निगम में चुनाव पार्टी चिह्नों पर करवाए थे. इनमें सोलन और पालमपुर में भाजपा की हार हुई तो धर्मशाला और मंडी में अपने हाथ में कमान लेने के लिए जीतोड़ मेहनत करनी पड़ी थी. अगर चुनाव पार्टी चिह्नों पर न करवाए गए होते तो संभव था कि इतनी दिक्कत न होती. पार्टी चिह्नों पर चुनाव करवाने के बाद दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई होती है. ऐसे में भाजपा किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाह रही है. पिछली बार की तरह बगैर चिह्नों के चुनाव करवाना चाह रही है.

भाजपा के ज्यादातर लोग चाह रहे हैं कि ये चुनाव पार्टी चिह्नों पर न हों

वहीं, नगर निगम शिमला का अधिनियम बाकी नगर निगमों से अलग है. अगर शिमला में पार्टी चिह्नों पर चुनाव करवाना हो तो इस प्रावधान को फिर से संशोधित करना होगा, लेकिन ऐसी स्थिति कम ही लग रही है. भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने अमर उजाला समाचार पत्र को बताया कि भाजपा के ज्यादातर लोग चाह रहे हैं कि ये चुनाव पार्टी चिह्नों पर न हों.