हिमाचल | ग्राम पंचायतें अब अपने क्षेत्र की सरकारी जमीन पर लगाएंगी सेब या अन्य फलों के बगीचे, प्रदेश की सभी 3,615 पंचायतों से मांगी गई जानकरी

हिमाचल | ग्राम पंचायतें अब अपने क्षेत्र की सरकारी जमीन पर लगाएंगी सेब या अन्य फलों के बगीचे, प्रदेश की सभी 3,615 पंचायतों से मांगी गई जानकरी - Panchayat Times
File photo :- A woman in Himachal picking apples in 2018

शिमला. प्रदेश में ग्राम पंचायतें अब अपने क्षेत्र की सरकारी जमीन पर सेब या अन्य फलों के बगीचे लगाएंगी. जहां बगीचे उगे हैं, उन्हें और अच्छा बनाया जाएगा. इससे प्राप्त आय से पंचायतों में ही विकास कार्य कराये जाएंगे.

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल की कुछ पंचायतों में सेब या अन्य फलों के बगीचे लगे हुए हैं. इनसे बहुत अच्छी आय भी हो रही है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रदेश की पंचायतों से इस संबंध में ब्योरा मांगा है.

क्या पूछा गया है

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पंचायतों से इस बात कि जानकारी मांगी गई है कि किस पंचायत के पास सेब का कितना बगीचा है या अन्य किसी फल का कितना बड़ा बाग है. उससे कितनी आय होती है. घास की नीलामी कितनी होती है और दान या अन्य स्रोतों से क्या आय होती है. कितनी जमीन खाली है.

राज्य के छठे वित्तायोग ने प्रदेश की ग्राम पंचायतों से इस संबंध में ब्योरा मांगा है. सर्वेक्षण के लिए 22 पन्नों का एक प्रारूप तैयार किया गया है. इसमें बारीक से बारीक बात की जानकारी मांगी गई है.

प्रदेश की सभी 3,615 पंचायतों को देनी होगी जानकरी

रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश की सभी 3,615 पंचायतों को इस प्रारूप को भरने को कहा गया है. इसमें ग्राम पंचायतों में किसी के द्वारा नाजायज कब्जे तो नहीं किए गये है, सरकार ने इसका भी ब्योरा मांगा है. यह भी पूछा है कि अगर ऐसा है तो कब्जा बहाली के लिए उठाए गए कदम के बारे में भी जानकारी दी जाए.

पटवारी से प्रमाणित ऐसी भूमि की भी जानकारी मांगी गई है, जिसमें कोई भवन निर्मित न हो. दुकानें, सराय आदि स्थायी संपत्ति का भी विवरण मांगा गया है. गलियों की सफाई, पशुओं के पंजीकरण, शादी पंजीकरण आदि कई योजनाओं पर लिए जाने वाले शुल्क का भी विवरण मांगा गया है.