हिमाचल की जड़ी-बूटियों को मिलेगा नया लुक

हिमाचल की जड़ी-बूटियों को मिलेगा नया लुक-Panchayat Times
प्रतीक चित्र

शिमला. प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण वन समृद्धि-जन समृद्धि योजना के तहत प्राकृतिक जड़ी-बूटियों के कारोबार से जुड़े लोगों के लिए अब सरकार ने एक नया प्लान तैयार किया है. अभी तक पहाड़ों में पाई जाने वाली ये जड़ी-बूटियां साधारण तौर पर ही बाजार में बेची जाती थी. लेकिन, सरकार ने इन बूटियों को नया लुक देने की योजना बनाई है.

इससे पहले लोग इन जड़ी-बूटियों को सीधे बाजार में बेच देते थे. जिसके उन्हें साधारण दाम ही मिलते थे. लेकिन, अब वन समृद्धि-जन समृद्धि योजना के तहत इन्हें नया लुक दिया जाएगा. इसके लिए संबंधित क्षेत्रों में यूनिट लगाने की योजना है.
भारतीय वन सेवा के अधिकारी सतपाल धीमान ने बताया कि योजना के तहत जड़ी-बूटी इकट्ठा करनेवाले लोगों के लिए संबंधित क्षेत्रों में यूनिट लगाने की योजना है. यूनिट में इन जड़ी-बूटियों में वेल्यू एडिशन किया जाएगा.

आधुनिक पैंकिग और अन्य जरुरी सुधार कर इन्हें आर्कषक बनाकर बाजार में उतारा जाएगा, ताकि लोगों को अच्छे दाम मिल सकें. उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त लोगों को विभाग की ओर से फ्री में लगाने के लिए जड़ी-बूटियां भी प्रदान की जाएगी. जिसमें अलग-अलग किस्म शामिल होंगी. वन विभाग भी इन जड़ी-बूटियों की अपनी नर्सरी तैयार करने जा रहा है. शुरुआत में यह बाहर से मंगवाई जाएंगी या फिर प्रदेश के निजी क्षेत्र में लगी नर्सरी से खरीदी जाएंगी.

प्रदेश के कुल्लू, मण्डी, शिमला, सिरमौर, किन्नौर, चंबा और लाहौल स्पीति में विभिन्न प्रकार की जड़ी-बूटियां प्राकृतिक तौर पर पाई जाती हैं. इन्हें इकट्ठा करने के लिए विभाग इन क्षेत्र के लोगों को लाइसेंस देता है. इसके अतिरिक्त प्रदेश के निचले क्षेत्रों बिलासपुर, ऊना, हमीरपुर, सोलन और कांगड़ा में भी इस योजना को इन जिलों के वातावरण के अनुकूल लागू किया जाएगा.
वर्तमान में इन जड़ी-बूटियों को लोग पारम्परिक तौर पर ही इकट्ठा करते हैं. लेकिन अब सरकार के सहयोग से इन्हें आधुनिक बनाकर बेचा जाएगा.