सब्जी उत्पादन में रिकॉर्ड बनाता हिमाचल

सब्जी उत्पादन में रिकॉर्ड बनाता हिमाचल

शिमना/नई दिल्ली. हिमाचल प्रदेश के किसानों की मेहनत, नवीनतम तकनीकों का प्रयोग और सरकारी नीतियों का नतीजा है कि सब्जी उत्पादन में यह प्रदेश नई मिसाल कायम कर रहा है. स्थिति यह है कि प्रदेश में सब्जी उत्पादन प्रदेश में सब्जी उत्पादन 25 हजार टन से बढ़कर करीब 17 लाख टन सालाना तक जा पहुंचा है. जानकारी के अनुसार बीते साल 2017-18 में कुल 1691.56 हजार टन सब्जी का उत्पादन हुआ है, जो कि 2016-17 के 1653.51 हजार टन के मुकाबले भी करीब 38 हजार टन ज्यादा है.

वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादित सब्जियां अधिक अनुकूल मौसम होने के कारण ज्यादा पौष्टिक और स्वादिष्ट पाई गई हैं. प्रदेश की कृषि जलवायु समशीतोष्ण सब्जियों और उनके बीजों के उत्पादन के लिए अति अनुकूल है. सब्जियों का उत्पादन प्रदेश में ऐसे समय में होता है, जब इन्हें पड़ोसी मैदानी राज्यों में प्रतिकूल मौसम होने के कारण पैदा नहीं किया जा सकता है.

जानकारी के अनुसार इस समय प्रदेश में लगभग 75 हजार हेक्टेयर भूमि पर सब्जी उत्पादन किया जा रहा है और सब्जी उत्पादन की सालाना आय चार हजार करोड़ रुपए के आसपास है. प्रदेश में वर्ष 1951-52 में प्रदेश में कुल 200 हजार टन खाद्यान्न तैयार किया गया था, जोकि 2017-18 में बढ़कर 1745.01 हजार टन तक जा पहुंचा है. 2015-16 में खाद्यान्न उत्पादन का ग्राफ 1237 हजार टन रहा था, जो कि 2014-15 की तुलना में भी काफी कम था, लेकिन बीते दो वर्ष से यह ग्राफ 1745 हजार टन के पार रहा है.

प्रदेश की अहम फसल मक्की का उत्पादन इस दौरान 67.30 हजार टन से बढ़कर 644.44 हजार टन, धान का उत्पादन 28.3 हजार टन के मुकाबले 117.80 हजार टन और गेहूं उत्पादन 1951-52 में हुए 61.20 हजार टन से बढ़कर 670 हजार टन हो गया है. वहीं इस अवधि में आलू उत्पादन 1.60 हजार टन से 198.66 हजार टन पहुंच गया है. केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर किसान प्रदेश में उत्पादन को नए स्तर पर ले जा रहे हैं. कृषि विवि के शोध और नई तकनीकों का लाभ भी किसानों को मिल रहा है.