हिमाचल विधानसभा में प्रस्ताव पारित, नशे का कारोबार गैर जमानती…

नशे के कारोबार को गैर जमानती अपराध बनाने की दिशा में पहला कदम
प्रतीक चित्र

धर्मशाला. प्रदेश में नशे के कारोबार को गैर जमानती अपराध बनाने की दिशा में पहला कदम उठाते हुए इसे लेकर लाए गए विधेयक को शीतकालीन सत्र के पांचवें दिन शुक्रवार को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया. मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर द्वारा लाए गए इस प्रस्ताव के विधानसभा में पारित हो जाने के बाद अब इसे मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा.

सदन में मुख्यमंत्री द्वारा लाए गए एनडीपीएस एक्ट 2018 पर सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने विस्तार से चर्चा की. सत्तापक्ष के सदस्यों ने इस विधेयक का स्वागत करते हुए इसे पारित करने की पुरजोर मांग की वहीं विपक्ष के कुछेक सदस्यों ने इस विधेयक में किए गए संशोधन में कुछ फेरबदल कर इस पर कुछ समय बाद पारित करने की मांग की.

विपक्ष सहित सत्तापक्ष के एक सदस्य का कहना था कि इस विधेयक के तहत भांग या चरस को नहीं लाया जाना चाहिए था. उनका कहना था कि बेशक चिट्टा और अन्य सिंथेटिक नशे को इस श्रेणी में रखा जाना चाहिए. उनका तर्क था कि इस विधेयक के पारित होने से एक या दो ग्राम नशा पकड़े जाने पर भी जमानत नही होगी जिससे जेलें भर जाएंगी तथा कई युवाओं का भविष्य खराब हो जाएगा.

नशे के कारोबार को गैर जमानती अपराध बनाने की दिशा में पहला कदम
धर्मशाला में विधानसभा भवन

ये भी पढ़ें- विवादों में क्यों है शिमला की 110 साल पुरानी ऐतिहासिक इमारत

विधेयक पर चर्चा के बाद जय राम ठाकुर ने कहा कि उनके द्वारा लाया गया यह विधेयक प्रदेश में युवाओं में बढ़ते नशे के प्रचलन को रोकने और नशे का काला कारोबार करने वालों पर नकेल कसने में अहम भूमिका निभाएगा. उन्होंने कहा कि हालांकि इस विधेयक में कोई बड़ा संशोधन नही किया गया है.

उन्होंने सदन को जानकारी देते हुए बताया कि पहले नशे के सामान के साथ पकड़े जाने पर आरोपियों की जमानत आसानी से हो जाती थी लेकिन इस विधेयक के आने के बाद अब ऐसे लोगों को जमानत देने से पूर्व कोर्ट को पब्लिक प्रोसीक्यूटर का पक्ष सुनना होगा तथा उसके बाद ही जमानत पर फैसला दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस बिल को लाने के पीछे शुरुआत करने की जरूरत थी जो हमने कर दी. उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं की जिंदगी बचाने और नशे के कारोबारियों को यह एक कड़ा संदेश है. उन्होंने कहा कि इसे लेकर हम सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि देश में नशे की जिस तरह की परस्थितियां बन रही हैं उससे आने वाले समय में केंद्र को भी ऐसा ही कदम उठाने की जरूरत महसूस होने वाली है.