17 मामलों में चर्चा के बाद हिमाचल विधानसभा का शीतकालीन सत्र समाप्त

विधानसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई है - Panchayat Times
फाइल फोटो

धर्मशाला. विधानसभा का छह दिवसीय शीतकालीन सत्र शनिवार को समाप्त हो गया. इसके साथ ही विधानसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई है. विधानसभा का शीतकालीन सत्र 10 दिसंबर को शुरू हुआ था. यह सत्र छह दिन चला. सत्र की समाप्ति पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने सदन में 2005 से लेकर अब तक के शीतकालीन सत्र के आंकड़े के पेश किए.

उन्होंने कहा कि 2005 से लेकर अब तक जनहित के सबसे अधिक 17 मामलों पर विस्तृत चर्चा हुई. बावजूद इसके सदन के सदस्यों ने आपत्ति जताई, जो सही नहीं है. अध्यक्ष ने कहा कि सत्र के दौरान 304 तारांकित और 92 अतारांकित सवालों पर सार्थक चर्चा हुई. सदन में लाए गए पांच विधेयक सर्वसम्मति से पारित हुए. तीन सरकारी संकल्पों के साथ ही एक पूर्व संकल्प पर भी चर्चा हुई. विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्रिहोत्री, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज, अधिकारियों और मीडिया का धन्यवाद व्यक्त किया.

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि इस सदन में बहुत महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया गया. विपक्ष का भी भरपूर सहयोग रहा, महत्वपूर्ण विधेयक भी पारित हुए. सभी अधिकारियों का भी धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने सत्र को सफल करवाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह, विपक्ष और विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री का भी धन्यवाद किया. विधायक जगत सिंह नेगी की सदन में गर्मजोशी पर सीएम ने चुटकी ली. कहा कि ठंडे इलाके के आदमी ठंड में भी इतने गर्म हो सकते हैं, ये वाकई सोचने की बात है.

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नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जनता ने हमें विपक्ष में बिठाया है, इसलिए कि सत्ता पक्ष मनमानी न कर सके. कई बार सत्ता पक्ष की तेजी पर भी ब्रेक लगानी होती है. उन्होंने कहा कि आप सत्ता पक्ष जब विपक्ष में थे तो 24 के 24 दिन काम नहीं होने दिया था. धर्मशाला में विधानसभा लोगों की भावनाओं से जुड़ी हुई है. इसको लेकर नकारात्मक बयानबाजी न की जाए. यहां पर हर साल सत्र हो सरकार यह भी सुनिश्चित करे.

नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने राकेश पठानिया को लेकर भी चुटकी ली. उन्होंने कहा कि पठानिया पर नकेल कसने के लिए सरकार उन्हें मंत्री पद दे. मुकेश ने विधानसभा में पारित किए गए नशे से सम्बधित विधेयक को लेकर कहा कि जब तक यह विधेयक केंद्र से मंजूर नही हो जाता तब तक खासकर सिंथेटिक डग्स के 5 ग्राम तक पकड़े जाने वालों की पुलिस थानों में जमानत नही करवाई जाए ऐसे आदेश मुख्यमंत्री द्वारा डीजीपी को दिए जाएं.