हिमाचल : बहुत कठिन है डगर कांग्रेस अध्यक्ष की

हिमाचल कांग्रेस के चीफ कुलदीप सिंह राठौर की राह आसान नहीं...
प्रतीक चित्र

शिमला. हिमाचल कांग्रेस के चीफ कुलदीप सिंह राठौर की राह आसान नहीं लग रही है. उनकी ताजपोशी के दिन ही कांग्रेस मुख्यालय में जो हुआ, उससे परिस्थितियां और भी कठिन हो गई है. कांग्रेस पहले ही प्रदेश में कई गुटों में बंटी है. कांग्रेस में उम्मीद जताई जा रही थी कि कुलदीप के नेतृत्व में कांग्रेस का बिखरा कुनबा हिमाचल में एकजुट होकर लोकसभा चुनाव लड़े. कांग्रेस के गृह युद्ध में व्यस्त होने की वजह से अभी तक भाजपा के समक्ष कोई बड़ी चुनौती नहीं है.

हिमाचल कांग्रेस के चीफ कुलदीप सिंह राठौर की राह आसान नहीं...
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वहीं, अगर कांग्रेस की बात करें तो कांग्रेस के पास केवल कुलदीप सिंह राठौर ही एक ऐसा चेहरा था जिसके नाम पर हिमाचल से सभी कांग्रेस नेता सहमत हुए हैं. कुलदीप प्रदेश कांग्रेस महासचिव के पद पर लंबे अर्से से हैं और पीसीसी के सदस्य भी हैं. राठौर इसके साथ ही एक अच्छा खासा लंबा राजनीतिक तजुर्बा भी रखते हैं. लेकिन निवर्तमान अध्यक्ष सुखविन्द्र सिंह लगातार उनको चुनौती देते नजर आ रहे हैं. उनके बनाए पदााधिकारी आए दिन बयानबाजी कर रहे हैं और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर लगातार निशाना साध रहे हैं. जिससे यह लड़ाई रूकने का नाम नहीं नही ले रही है.

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फाइल फोटो

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कुलदीप ने भी पदभार संभालते हुए एक्शन लेना शुरू कर दिया है. उन्होने कांग्रेस कार्यालय में हुई हिंसा पर दूसरे ही दिन दो सदसीय कमेटी बनाई है, जो इस हिंसा की जांच करेगी और राठौर यह रिपोर्ट हाईकमान को सौपेंगे. इसके अतिरिक्त उन्होंने अपनी ताजपोशी के पहले ही दिन सभी को जता दिया है कि सब एक साथ मिलकर काम करेंगे. यह ईशारा उन्होने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सुखविन्द्रर सिंह के लिए किया है जिन्होने उसी मंच से अपने दौरे जारी रखने की बात की थी. राठौर ने अपनी टीम का गठन भी शुरू कर दिया है. राठौर के लिए सबसे मुश्किल काम दो महीने बाद होने वाले लोकसभा चुनाव में पार्टी को चारों सीटों पर जीत दिलाना है.