नए साल में बिजली कर्मचारी हिमाचलियों को देंगे बड़ा झटका

हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रीसिटी बोर्ड इंपलॉइज यूनियन नये साल में अपनी मांगों...
प्रतीक चित्र

ऊना. हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड इंपलॉइज यूनियन नये साल में अपनी मांगों को लेकर प्रदेशभर में धरना प्रदर्शन करेगी. यह फैसला ऊना जिला में यूनियन की सोमवार को हुई प्रदेशस्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया. बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने कहा कि यूनियन केंद्र सरकार द्वारा पास किए गए बिजली संशोधन कानून-2018 का भी पुरजोर विरोध करती है और यूनियन राष्ट्रीय स्तर पर आठ और नौ जनवरी को बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं की समन्वय समिति के आह्वन पर हड़ताल का समर्थन करेगी.

वहीं सरकार को अपनी मांगे पूरा करने को लेकर 15 दिनों का नोटिस भी दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि अब कर्मचारी किसी भी तरह का अन्याय सहन नही करेंगे, जो नीतियां कर्मचारियों के हक में नही हैं उनका पुरजोर विरोध किया जाएगा. बैठक के दौरान केंद्रीय कार्यकारिणी ने प्रदेश सरकार द्वारा बिजली बोर्ड में कर्मचारियों की संख्या उत्तराखंड की तर्ज पर कम करने के प्रस्ताव को भी विरोध किया है और सरकार से मांग की है कि इस बारे में बोर्ड द्वारा गठित कमेटियों को तुरंत निरस्त किया जाए.

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ऐसा करने से प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को प्रदान की जा रही सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित होंगी. वहीं बोर्ड में लंबित पड़े करुणामूलक मामलों को भी निपटाने की मांग सरकार से की गई है. कुलदीप सिंह ने कहा कि बड़ी संख्या में करुणामूलक मामले होने पर इनके आश्रितों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बोर्ड द्वारा कर्मचारियों का वेतनमान कम करने के आदेशों को तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाए. यूनियन ने यह भी मांग की है कि 15 मई 2003 के बाद लगे सभी कर्मचारियों को पेंशन पॉलिसी के तहत लाया जाए और नई पेंशन योजना का समाप्त किया जाए. यूनियन के महासचिव हीरा लाल वर्मा ने यूनियन के सम्मेलन में अभी तक उभर कर आए नये घटनाक्रमों की जानकारी दी.

बिजली यूनियन ने मांग की है कि बिजली बोर्ड में आउटसोर्स के आधर पर लगे कर्मचारियों के लिए स्थाई नीति बनाई जाए और इन्हें बिजली बोर्ड के अधीन लाया जाए. इन कर्मचारियों से काटी जा रही भविष्य निधि और बीमा की राशि पर बतौर प्रधान न्यौक्ता निगरानी रखी जाए.