हिमाचल | 15 दिसंबर तक उत्पादकों के लिए सोलन में शुरू हो जायेगी प्रदेश की पहली फूल मंडी

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शिमला. लंबे समय से प्रदेश में फल मंडी के मांग कर रहे प्रदेश के फूल उत्पादकों को अब फूल बेचने के लिए दिल्ली समेत अन्य बाहरी राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा. सोलन जिले के परवाणू में मंडी समिति की ओर से पुष्प मंडी का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. 15 दिसंबर तक यह मंडी उत्पादकों के लिए खोल दी जाएगी.

प्रथम चरण में में दस दुकानों का निर्माण

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रथम चरण में मंडी में दस दुकानों का निर्माण किया गया है. जहां पर जिला सहित प्रदेश के पुष्प उत्पादक अपने फूलों को बेच सकेंगे. अभी किसान दिल्ली, करनाल, चंडीगढ़ समेत अन्य बाहरी राज्यों को फूल भेजते रहे है. जिस कारण उन्हे संबंधित राज्यों तक फूल पहुंचाना महंगा पड़ रहा है. लेकिन अब इस मंडी के खुलने से प्रदेश का फूल प्रदेश में ही बिक जाएगा. जहां पर इसके लिए कारोबारी बाहरी राज्यों से भी खरीदारी के लिए पहुंचेंगे.

सोलन के चायल क्षेत्र में सबसे अधिक फूलों की खेती

सोलन के चायल क्षेत्र में सबसे अधिक फूलों की खेती होती है. हर वर्ष यहां से करोड़ों का फूल कारोबार होता है. जानकारी के अनुसार मंडी समिति सोलन की ओर से कालका-शिमला एनएच पर परवाणू के समीप एक करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से पुष्प मंडी का निर्माण किया है.

सिरमौर में सबसे ज्यादा फूल उत्पादन

हिमाचल में सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, मंडी और शिमला में फूलों की सबसे अधिक खेती होती है. सिरमौर फूल उत्पादन में पहले स्थान पर है. वहीं सोलन दूसरे स्थान पर है. परवाणू मंडी के खुलते ही प्रदेश के किसानों का ट्रांसपोर्ट खर्च बचेगा वहीं दिल्ली में फूलों पर लगने वाली दस फीसदी कमीशन भी नहीं देनी पड़ेगी.