मंडी. प्रशासनिक ट्रिब्यूनल की एकल पीठ का फैसला आ गया है. जिसमें कई अहम फैसलों में अधिकारियों के तबादले और पदोन्नति के फैसलों को रद्द कर दिया गया है.
हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के जुडीशियल मेंबर वीके शर्मा पर आधारित एकल पीठ ने हिमुडा से सेवानिवृत हुए सुपरीटेंडेंट रूप लाल वर्मा की याचिका पर उन्हें राहत दी. पीठ ने उनकी पदोन्नति को नियमित करने के आदेश दिए. रूप लाल वर्मा 2013 में सेवानिवृत हो गए थे. मगर उन्हें जो पद पर पदोन्नति दी गई थी वह नियमित न होकर एडहॉक थी. इस पर उन्होंने अपने वकील टेक चंद शर्मा के माध्यम से ट्रिब्यूनल में याचिका लगाई थी. जिस पर उन्हें यह राहत मिली.
एक अन्य फैसले में वन विभाग के शमशी कार्यालय में तैनात फोर्थ ग्रेड कर्मचारी दुर्गा देवी जिसे राजनीतिक आधार पर मनाली स्थानांतरित कर दिया गया था, उस फैसले को रद्द करने के आदेश दिए गए हैं. इससे पहले ट्रिब्यूनल ने इस पर स्टे लगा रखा था. तबादला एक राजनीतिज्ञ के नोट पर किया गया था. जिसे एडवोकेट टेक चंद शर्मा के माध्यम से चुनौती दी गई थी.
इसके अलावा पुलिस अधीक्षक मंडी कार्यालय में तैनात पवन कुमार जिनका तबादला मंडी से कोलर नाहन के लिए
किया गया था, जिसे मेडिकल आधार पर चुनौती दी गई थी. प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने उसकी याचिका को सही मानते हुए तबादले पर रोक लगाते हुए डीजी पुलिस को आदेश दिए कि वह पवन कुमार के प्रतिवेदन पर विचार करें.
वहीं पुलिस कांस्टेबल परमदेव का तबादला पहले किन्नौर किया गया था. बाद में ट्रिब्यूनल ने इस पर विचार के
लिए डीजी पुलिस को कहा था. उसके तबादले पर स्टे लगाते हुए इसमें पुलिस से जवाबतलबी भी की गई है.