जम गईं हिमाचल की झीलें, पीने का पानी कहां से लाएं

हिमाचल प्रदेश में मौसम के साफ होने के बावजूद ठंड का कहर - Panchayat Times
फाइल फोटो

शिमला. हिमाचल प्रदेश में मौसम के साफ होने के बावजूद ठंड का कहर जारी है. पर्वतीय इलाकों में तापमान के जमाव बिंदु से नीचे जाने के साथ ही कई स्थानों पर पानी के स्रोतों के जमने का सिलसिला शुरू हो गया है. जनजातीय इलाकों लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चम्बा के पांगी में प्राकृतिक झीलें तथा झरने बर्फ में तब्दील हो गए हैं. लाहौल-स्पीति की चंद्रताल, दीपकताल और नीलकंठ, चंबा में मणिमहेश झील, लम डल, क्वारसी डल, क्यूंर डल, गरूड़ासन महादेव डल और खुंडी माता डल इत्यादि झीलें जम गई हैं. भयंकर ठंड से इन इलाकों में पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है.

सूबे के पर्यटन स्थलों में भी भीषण ठंड पड़ रही है. मनाली का पारा जहां माइनस में पहुंच गया है वहीं कुफरी और शिमला का शून्य डिग्री के करीब बना हुआ है. इसी तरह मैदानी इलाकों में भी ठिठुरन बढ़ गई है और हर कोई अपने अपने तरीके से राहत तलाश रहा है.

हिमाचल प्रदेश में मौसम के साफ होने के बावजूद ठंड का कहर - Panchayat Times
प्रतीक चित्र

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मंगलवार रात लाहौल स्पीति का केलंग माइनस 05 डिग्री तापमान के साथ सबसे ठंडा रहा. इसके अलावा किन्नौर के कल्पा में न्यूनतम तापमान माइनस 0.4, मनाली में माइनस 0.2, कुफरी में 1.5, सुंदरनगर में 2.5, भुंतर में 2.6, सोलन में 03, मंडी में 04, चम्बा में 4.5, शिमला में 4.8, चायल में 05, डलहौजी में 5.5, बिलासपुर में 06, हमीरपुर में 6.2, ऊना में 6.3, नाहन में 6.9, जुब्बड़हट्टी में 07, धर्मशाला में 7.2 और कांगड़ा में 7.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

मौसम विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह ने दावा किया है कि अगले चौबीस घंटों के दौरान राज्य के मैदानी इलाकों का मौसम साफ और खुश्क रहेगा लेकिन पर्वतीय हिस्सों में कुछ स्थानों पर बर्फ़बारी हो सकती है. इस कारण ठंड में और अधिक इजाफा होने की संभावना है.