हिमाचल में सड़क हादसों को ऐसे रोकेंगे परिवहन मंत्री

परिवहन मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने शिमला में बताया कि जिला कांगड़ा
फाइल फोटो

शिमला. परिवहन मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने शिमला में बताया कि जिला कांगड़ा के नूरपुर में पिछले दिनों हुए सड़क हादसे नें पूरे प्रदेश को झिंझोड़ कर रख दिया. उन्होंने कहा कि प्रदेश का परिवहन मंत्री होने के नाते उन्होंने व्यवस्थाओं में खामियों का पता लगाने का प्रयास किया है. हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक सरंचना यहां आवागमन को चुनौतीपूर्ण तो बनाती ही है वहीं, सड़क हादसों से जान-माल की हानि का खतरा भी बना रहता है. मंत्री ने कहा कि अप्रैल माह में सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है. उन्होंने परिवहन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा सप्ताह को व्यवहारिक रूप तथा वाहन चालकों और सवारियों की सुरक्षा को एक आन्दोलन के रूप में अपनाएं, जिसके व्यवहारिक परिणाम सामने आएंगे.

हिमाचल प्रदेश में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए सड़क सुरक्षा को व्यापक पैमाने पर प्रचार करने और इस दिशा में कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है. सुरक्षित यातायात के लिए प्रदेश में विभिन्न उपायों को लागू किया जाएगा. सड़क सुरक्षा को लेकर जानकारी और जागरूकता फैलाने के लिए इन्टरनेट और एंड्राइड एप्लीकेशन विकसित किये जाएंगे तथा हेलमेट, सीटबेल्ट, स्पीड गवर्नर और ब्रेथ अनालाय्जेर जैसे उपकरणों के व्यवहारिक उपयोग पर कार्य किया जाएगा. वाहन चालकों और आम नागरिकों को जागरूक बनाने के लिए सभी हितधारकों, स्कूल कॉलेज के विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संगठनों, महिला एवं युवक मंडलों को जागरूकता अभियानों में शामिल किया जाएगा, जिसमें विशेषज्ञों के साथ पैनल विचार-विमर्श, नुक्कड़ सभाएं, और ‘गो स्लो’, ‘बीयर हेल्मेट’, ‘बीयर सीटबेल्ट’ जैसे अभियान चलाएं जाएंगे.

मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार मोटर वाहन अधिनियम तथा अन्य सम्बंधित कानूनों, नियमों और अधिनियमों को आम जनता के लिए सुलभ बनाएगी, ताकि नागरिक कानूनी दायित्वों और बाध्यताओं को भली प्रकार समझ सकें. इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए कॉमिक मोड्यूल और विडियो ट्युटोरियल तैयार किये जाएंगे तथा वाद-विवाद और विचार-विमर्श अधिवेशनों का आयोजन किया जाएगा.