हिमाचल में होगी मक्खन फल की खेती

हिमाचल में होगी मक्खन फल की खेती

नई दिल्ली. मैक्सिको और लैटिन अमेरिकी देशों में पैदा होने वाले नाशपाती जैसे फल एवोकेडो की खेती हिमाचल में भी होगी. प्रदेश में इसका ट्रायल सफल रहा है. एवोकेडो की खेती के लिए सब हिमालय रेंज की जलवायु उपयुक्त पाई गई है. एवोकेडो को मक्खन फल भी कहते हैं. एवोकेडो गहरे हरे रंग का ऐसा फल है, जोकि सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है. विटामिन ए, बी, ई, फाइबर, मिनरल्स और प्रोटीन से भरपूर इस फल का सेवन शरीर को कई बीमारियों से बचाता है.

भारत में एवोकेडो की पैदावार ज्यादा नहीं होती है, और दक्षिण भारत के कुछ ही क्षेत्रों में व्यावसायिक रूप से पैदावार की जाती है. जिन क्षेत्रों में इस फल की खेती होती हैं उनमें तमिलनाडु की पहाड़ी ढलानों, महाराष्ट्र में कूर्ग, केरल, और कर्नाटक के सीमित क्षेत्र शामिल हैं. उत्तर में केवल एक राज्य जो सफलतापूर्वक एवोकेडो की खेती कर रहा है वह पूर्वी हिमालय का राज्य सिक्किम है, जहां 800 से 1600 मीटर के बीच की ऊँचाई पर इसकी खेती हो रही है.

एवोकेडो का थोक भाव 300 से 400 रुपये प्रति किलो है. हिमाचल में बागवानी फसलों को बढ़ावा देने के काम में लगे डॉ. विक्रम शर्मा ने बताया कि एग्री फोरेस्टरी व एग्रो हॉर्टीकल्चर फसलों को बंदरों व जंगली जानवरों से भी खतरा नहीं होगा. इन कामर्शियल फसलों की मार्केट में काफी मांग है. किसान इन फसलों से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं.