वायरस की चपेट में हिमाचली आलू

वायरस की चपेट में हिमाचली आलू

शिमला/ नई दिल्ली. वायरस की चपेट में आने के बाद देशभर में प्रतिबंधित किए गए हिमाचली आलू पर आज केन्द्र सरकार फैसला कर सकती है. हिमाचल के कृषि मंत्री राम लाल मार्कंडा सोमवार को दिल्ली आ रहे हैं. यहां पर केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह से आलू के मुद्दे पर बात होगी, इसके साथ ही कृषि विकास मंत्रालय के अफसरों के साथ भी चर्चा की जाएगी. प्रदेश सरकार का मकसद है कि लाहुल के आलू बीज पर यह प्रतिबंध न लगे, जिसके सैंपल भी नहीं लिए गए हैं.

लाहुल-स्पीति जिला में करीब 747 हेक्टेयर भू-भाग में आलू बीज का उत्पादन होता है. लाहुल के आलू बीज की मांग न सिर्फ पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड व गुजरात में है, बल्कि पाकिस्तान व बांग्लादेश तक यहां से आलू का बीज निर्यात होता है. जिला के किसान हर साल लाखों के आलू का कारोबार करते हैं. केंद्र सरकार के प्रतिबंध के बाद लाहुल के उत्पादक परेशान हो उठे हैं और खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं. लाहुल के आलू बीज का सैंपल नहीं लिया गया था, बावजूद इसके उस पर भी प्रतिबंध लागू हो गया है.

सैंपल न लेने के बावजूद केंद्र ने एकतरफा फैसला लेते हुए लाहुल के बीज निर्यात पर भी रोक लगा दी. लाहुल के किसान बेमौसमी बर्फबारी से पहले ही अपनी दूसरी नकदी फसल सेब का करोड़ों का नुकसान झेल रहे हैं. अब केंद्र सरकार ने आलू के बीज के निर्यात पर पाबंदी लगा दी है जिससे किसान परेशान हैं. उन्होंने कृषि मंत्री डा. रामलाल मार्कंडेय पर इसे लेकर खासा दवाब बनाया है. यह मामला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के ध्यान में भी लाया गया है. मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद खुद कृषि मंत्री दिल्ली जा रहे हैं जिन्होंने अधिकारियों को इसके लिए पूरी तैयारी करने को कहा है.

हिमाचल प्रदेश में पैदा होने वाले आलू को वायरस ने घेर लिया है. केंद्र सरकार ने हिमाचल समेत चार राज्यों के आलू बीज के निर्यात पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है, जिसमें लाहुल का आलू भी शामिल है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने यह पाबंदी लगाई है और इसके निर्यात को तुरंत रोक दिया गया है. केंद्र सरकार द्वारा यह पाबंदी लगाए जाने के बाद हिमाचल सरकार और आलू उत्पादकों में हड़कंप है. बताया जाता है कि प्रदेश के आलू को निमेटोड नामक वायरस ने जकड़ लिया है, जिस कारण यह आलू खाने के लायक नहीं है. हालांकि केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने प्रदेश से चार जगहों पर आलू के सैंपल लेने के बाद यह कार्रवाई की है, लेकिन इसमें लाहुल के आलू के सैंपल नहीं लिए गए हैं. बिना सैंपल लिए वहां के आलू पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है. अब यहां से आलू का बीज बाहर नहीं ले जाया सकेगा.

जिन राज्यों के आलू बीज पर केंद्र ने रोक लगा दी है, उनमें तमिलनाडु, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर शामिल हैं। हिमाचल में आलू की सबसे अधिक पैदावार लाहुल में होती है, जिनके अलावा शिमला, चंबा, कुल्लू व ऊना में भी इसका बड़ी मात्रा में उत्पादन होता है. राज्य सरकार को इसकी सूचना मिलने के बाद हड़कंप मच गया है. प्रदेश सरकार ने विशेषज्ञों की एक टीम का गठन किया है, जो इस मामले को सुलझाने में जुटी है.

बताया जाता है कि अफसरों को इस सिलसिले में दिल्ली भेजा जा रहा है, जो वहां विस्तृत तौर पर बातचीत करेंगे और लाहुल के आलू बीज के सैंपल देंगे, ताकि लाहुल के आलू को निर्यात करने पर यह पाबंदी हटाई जा सके. बताते हैं कि ठंडे इलाकों में इस तरह का वायरस आलू बीज में अधिक नहीं लगता और जहां रोटेशन में खेतों में फसल को बदला जाता है, वहां पर भी यह नहीं लगता. केंद्रीय मंत्रालय यहां शिमला, चंबा, कुल्लू व ऊना के बीज फार्मों से आलू के सैंपल लिए थे, जिनमें निमेटोड नामक वायरस पाया गया है. केंद्र सरकार ने इस प्रतिबंध को लेकर राजपत्र में अधिसूचना भी जारी कर दी है.