हिमाचल | सेब खरीद पर गहराते संकट के बीच गरमाई सियासत, मुख्यमंत्री चिंतित, कांग्रेस का आरोप सरकार की मिलीभगत से आई दामों में कमी, बागवानों के गले नहीं उतर रहा मंडियों में कम सेब भेजने का सुझाव

हिमाचल | सेब खरीद पर गहराते संकट के बीच गरमाई सियासत, मुख्यमंत्री चिंतित, कांग्रेस का आरोप सरकार की मिलीभगत से आई दामों में कमी, बागवानों के गले नहीं उतर रहा मंडियों में कम सेब भेजने का सुझाव - Panchayat Times
Congress leader sit in front of Dr Yashwant Pramar's statue in Shimla's famous Riz ground on the issue of Apple price crash in the state

शिमला. हिमाचल में सेब खरीद पर लगातार गहराते संकट के बीच प्रदेश में सियासत गरमा गई है. फसल के उचित दाम न मिलने पर बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर और कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने जहां चुप्पी साध रखी है.

मुख्यमंत्री चिंतित

वहीं मामले में मुख्यमंत्री के चिंतित होने पर शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने गुरुवार को सेब कारोबार से जुड़े सभी विभागों की आपात बैठक बुलाकर अफसरों को फील्ड में उतरने के कड़े निर्देश दे दिए, ताकि बागवानों की परेशानी कम हो. दाम क्यों गिर रहे हैं, इसकी भी जांच करवाकर रिपोर्ट देने को कहा.

ज्ञात हो कि मंडियों को नियंत्रित करने वाले मार्केटिंग बोर्ड और एपीएमसी जहां कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर के पास हैं, वहीं उद्यान विभाग बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह के पास है.

लगातार घटते दामों के बीच बुधवार को युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिमला में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया, जबकि प्रदेश कांग्रेस शुक्रवार यानि आज मौन जुलूस निकालेगी. सेब के दाम हिमाचल प्रदेश की मंडियों में ही नहीं, बल्कि दिल्ली, चंडीगढ़ और जयपुर की मंडियों में लुढ़के हैं.

अफसरों के अनुसार, बंपर फसल के कारण गिरे रेट

प्रकाशित खबरों के अनुसार सेब के रेट गिरने का कारण पूछने पर अफसरों ने तर्क दिया कि इस साल सेब की बंपर फसल है और सेब की गुणवत्ता भी सही नहीं है. खरीदारों को नुकसान हो रहा है, इसलिए दाम गिरे हैं.

हिमाचल में अच्छी क्वालिटी के सेब के मूल्य में नहीं आई है कोई गिरावट : सीएम

मुख्मंत्री जयराम ठाकुर ने गुरुवार को कहा कि हिमाचल में उच्च किस्म के सेब के मूल्य में कोई गिरावट नहीं आई है, लेकिन जो सेब बारिश और ओलों से खराब हुआ है, उसके दाम में कमी आई है. एकाएक मंडियों में सेब अधिक पहुंचने से दाम कम हुए हैं. जल्द बागवानों को अच्छे दाम मिलेंगे. उन्होंने बताया कि सरकार ने कोल्ड स्टोर मालिकों को भी बागवानों को सेब के अच्छे दाम देने की बात की है.

कांग्रेस का आरोप सरकार की मिलीभगत से आई दामों में गिरावट

युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी ने गुरुवार को प्रैस को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की मिलीभगत से सेब के दामों में गिरावट आई है. उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से कुछ समय के लिए सेब की फसल को रोकने को लेकर की गई अपील को शर्मनाक बताया.

नेगी निगम भंडारी ने कहा कि सेब के दामों में भारी गिरावट आई है. सरकार की निगरानी में हर चीज संभव होती है, लेकिन सरकार गूंगी और बहरी हो गई है. सरकार पूंजीपतियों के हाथों में खेल रही है. जनता को सरकार की ऐसी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि बागवानी मंत्री रैलियों में व्यस्त हैं. उन्होंने किसी भी मंडी में जाकर व्यवस्था को नहीं जांचा. नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री का बयान कि सेब की फसल को होल्ड पर रखा जाए सही नहीं है. उन्होंने कहा कि यह रेत, ईंट या पत्थर का मामला नहीं है, बल्कि फल और सब्जी से जुड़ा मामला है.

बागवानों के गले नहीं उतर रहा मार्केट में कम फसल भेजने का सुझाव

हिमाचल प्रदेश में सेब के दामों में भारी गिरावट के बाद मुख्यमंत्री का मार्केट में कम फसल भेजने का सुझाव बागवानों के गले नहीं उतर रहा. बागवानों का कहना है कि पकने के बाद सेब नहीं तोड़ा तो फसल बर्बाद हो जाएगी. अधिक पकने की सूरत में सेब पेड़ों से झड़ जाएगा. मौजूदा समय में फसल को रोकना संभव नहीं है.

बागवानों ने सरकार से सीए स्टोर की सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग उठाई है. राज्य में सरकारी क्षेत्र के कोल्ड स्टोरों की क्षमता महज 20 से 30 हजार मीट्रिक टन है. इसलिए बाहरी राज्यों के सीए स्टोर में प्रदेश के बागवानों की फसल रखने की व्यवस्था की सरकार से मांग उठाई जा रही है.