एजेएल प्लॉट आवंटन: हुड्डा व वोरा हुए कोर्ट में पेश, अब 5 मार्च को सुनवाई

एजेएल प्लॉट आवंटन: हुड्डा व वोरा हुए कोर्ट में पेश, अब 5 मार्च को सुनवाई-Panchayat Times
फाइल फोटो

पंचकूला. एजेएल प्लॉट आवंटन मामले में पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट में बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और पूर्व केन्द्रीय मंत्री मोती लाल वोरा पेश हुए. मामले में बचाव पक्ष ने दस्तावेजों की मांग की. मामले की अगली सुनवाई अब 5 मार्च को होगी.

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा तत्कालीन समय में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के चेयरमैन थे. मोती लाल वोरा एजेएल हाउस के चेयरमैन थे. प्लॉट आवंटन मामले में पंचकूला विशेष सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट की स्क्रूटनी पूरी हो चुकी है. पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा और मोती लाल वोरा के खिलाफ 1 दिसंबर को चार्जशीट दाखिल की गई थी. भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर आरोप है कि उन्होंने सीएम रहते हुए नेशनल हेराल्ड की सब्सिडी एसोसिएट्स जनरल लिमिटेड (एजेएल) कंपनी को 2005 में 1982 की दरों पर प्लॉट अलॉट करवाया.

यह है पूरा मामला

24 अगस्त 1982 को पंचकूला सेक्टर-6 में 3360 वर्गमीटर का प्लॉट नंबर सी-17 तब के सीएम भजनलाल ने अलॉट कराया. कंपनी को इस पर 6 महीने में निर्माण शुरू करके दो साल में काम पूरा करना था. लेकिन कंपनी 10 साल में भी ऐसा नहीं कर पाई. 30 अक्टूबर 1992 को हुड्डा ने अलॉटमेंट कैंसिल करके प्लॉट को रिज्यूम कर लिया. 26 जुलाई 1995 को मुख्य प्रशासक हुडा ने एस्टेट ऑफिसर के आदेश के खिलाफ कंपनी की अपील खारिज कर दी. 14 मार्च 1998 को कंपनी की ओर से आबिद हुसैन ने चेयरमैन हुडा को प्लॉट का अलॉटमेंट बहाली के लिए अपील की. 14 मई 2005 को चेयरमैन हुडा ने अफसरों को एजेएल कंपनी के प्लॉट अलॉटमेंट की बहाली की संभावनाएं तलाशने को कहा. लेकिन, कानून विभाग ने अलॉटमेंट बहाली के लिए साफ तौर पर इनकार कर दिया.

18 अगस्त 1995 को फ्रेश अलॉटमेंट के लिए आवेदन मांगे गए. इसमें एजेएल कंपनी को भी आवेदन करने की छूट दी गई. 28 अगस्त 2005 को हुड्डा ने एजेएल को ही 1982 की मूल दर पर प्लॉट अलॉट करने की फाइल पर साइन कर दिए. इसके साथ ही कंपनी को 6 महीने में निर्माण शुरू करके 1 साल में काम पूरा करने को भी कहा गया.

एसोसिएटड जर्नल लिमिटेड (एजेएल) के अखबार नेशनल हेराल्ड के लिए पंचकूला में नियमों के खिलाफ जमीन आवंटन का आरोप है. इस मामले में सतर्कता विभाग ने मई 2016 में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ केस दर्ज किया है. यह मामला हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) की शिकायत पर दर्ज हुआ है. चूंकि मुख्यमंत्री हुडा के पदेन अध्यक्ष होते हैं. यह गड़बड़ी हुड्डा के कार्यकाल में हुई, इसलिए उनके खिलाफ यह केस दर्ज हुआ है. इससे हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (हुडा) को करीब 62 लाख रुपए का नुकसान पहुंचाए जाने का आरोप है.