क्या हमसे भी काबिल हैं ये बंदर?

इंसानों से अगर किसी भी जानवरों की हरकतें मेल खाती हैं, तो वो हैं बंदर. इन्हें हमारा पूर्वज भी कहा जाता है और इसके साथ-साथ इन्हें चतुर और समझदार जानवरों की श्रेणी में रखा जाता है. लेकिन सवाल यह उठता है कि बंदरों की हरकतों से क्या हम कुछ सीख सकते हैं?

बीबीसी हिंदी के अनुसार अमेरिका के कैरेबियाई द्वीप पोर्टो रिको में इन दिनों बंदरों पर एक प्रयोग चल रहा है. रिसर्च करने वालों ने बंदरों को टोकन की मदद से खरीददारी करना सिखाया और इन्हें एक बाजारनुमा इलाके में भेजा जाता है. इस प्रयोग में यह जानने की कोशिश की गई कि क्या बंदर भी सस्ता-महंगा समझते हैं.

क्या वाकई में बंदर हमें सिखा सकते हैं

इस प्रयोग में बंदरों की कई हरकतें इंसानों जैसी थीं. लेकिन सवाल यही है कि क्या बंदर हमसे ज्यादा चतुर हैं? बंदरों को हमेशा से चतुर जानवरों के तौर पर मिसाल दी जाती रही है. दो बिल्लियों की लड़ाई में बंदर के रोटी ले जाने वाली मिसाल हो या मगरमच्छ के साथ कलेजा घर पर रखने वाली कहानी, बंदर हमेशा अपनी चालाकी की वजह से जाना जाता है.

आगरा के सिकंदरा में कुछ वर्षों पहले जब मैं गया तो बंदरों की समझदारी देखकर हैरान रह गया. वहां कुछ भी खाने का सामान लेकर बंदरों के पास जाओ तो बंदर भी आपके पास आकर हाथ मिलाते हैं और फोटो खिचवाते हैं. यही नहीं फोटो हो जाने के बाद खाने का सामान भी लेकर चले जाते हैं. इसी तरह बचपन में मदारी का वो खेल याद आता है, जिसमे बंदर अपनी नाराज बंदरिया को मनाता हुआ दिखाई देता है.

बचपन का एक और वाक्या याद आता है, जब एक शरारती लड़के ने बंदर को कुछ ऐसा खिला दिया था जिससे उसको पेट की समस्या (लूज मोशन) हो गया. लेकिन थोड़ी ही देर बाद उसने कुछ पेड़ों पर जाकर पत्तियां खाईं और वह ठीक हो गया.

हैरानी भरे करतब

डिस्कवरी चैनल तो बंदरों पर ऐसी कई स्टोरी दिखाता रहता है, जिसे देखकर हैरानी होती है. कभी बंदर अपने दुश्मनों के ऊपर पत्थर बरसाता हुआ दिखाई देता है, तो कभी चीते को चपत लगाते हुए परेशान करता है. वहीं एक स्टोरी में तो कुछ बंदरों के झुंड ने चीते के चंगुल में फंस चुके एक हिरण को आजाद कराया. ऐसी तमाम घटनाएं है जो बंदरों को बाकी जानवरों से अलग बनाती हैं.

इसमें तो कोई शक नहीं है कि बंदर सबसे तेजी से इंसानों की हरकतों को समझते हैं. लेकिन सवाल अब भी वही है कि क्या वाकई में हमें फिर से पीछे जाकर बंदरों से कुछ सीखने की जरूरत है?