नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में I-PAC (Indian Political Action Committee) के कोलकाता कार्यालय पर Enforcement Directorate (ED) की छापेमारी को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सीधे तौर पर BJP और गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लिया है। वहीं, दूसरी ओर ED ने कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख करते हुए जांच में “अवैध हस्तक्षेप” का आरोप लगाया है।
‘चुनाव से पहले पार्टी की जानकारी जुटाना चाहती है BJP’
सीएम ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले BJP उनकी पार्टी की रणनीति और डेटा जुटाने के मकसद से केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि ED ने I-PAC के दफ्तर से पार्टी से जुड़े दस्तावेज, हार्ड डिस्क और अन्य अहम कागजात अपने साथ ले लिए।
ममता बनर्जी ने सवाल उठाते हुए कहा,
“क्या ED का काम है उम्मीदवारों की लिस्ट और पार्टी की हार्ड डिस्क इकट्ठा करना? यह गृह मंत्री की शरारत है, जो देश की सुरक्षा नहीं कर पा रहे और मेरी पार्टी के कागजात उठा रहे हैं।”
‘अगर TMC ऑफिस पर छापा पड़ा तो BJP ऑफिस पर भी पड़ सकता है’
टीएमसी सुप्रीमो ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जिस तरह से ED ने कार्रवाई की, उसी तरह BJP के राज्य कार्यालय पर भी छापेमारी हो सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ED की फॉरेंसिक टीम ने डेटा ट्रांसफर किया और राजनीतिक व वित्तीय दस्तावेज जब्त किए।
“BJP के पास लाखों-करोड़ों की संपत्ति है, लेकिन CBI और ED ने वहां किसी को नहीं पकड़ा,” ममता ने कहा।
पीएम मोदी से ममता की अपील—‘Home Minister को कंट्रोल करें’
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे अपील करते हुए कहा,
“मैं प्रधानमंत्री से माफी के साथ कहना चाहती हूं—अपने गृह मंत्री को कंट्रोल करें। अगर आप हमसे लड़ नहीं सकते तो बंगाल क्यों आ रहे हैं? लोकतांत्रिक तरीके से हमें हराइए।”
उन्होंने दावा किया कि एजेंसियों के जरिए दबाव बनाने से BJP को राजनीतिक नुकसान होगा और सीटें शून्य तक सिमट सकती हैं।
राज्यभर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान
ममता बनर्जी ने कहा कि ED की छापेमारी के खिलाफ TMC कार्यकर्ता पूरे पश्चिम बंगाल में विरोध प्रदर्शन करेंगे। पार्टी इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है।
ED ने कलकत्ता हाईकोर्ट में लगाई गुहार
टीएमसी के आरोपों के बीच Enforcement Directorate ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। ED का आरोप है कि उसके सर्च ऑपरेशन में अवैध रूप से हस्तक्षेप किया गया। इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को होगी।
ED का बयान—‘कोई पार्टी ऑफिस टारगेट नहीं किया’
ED ने बयान जारी कर कहा कि यह छापेमारी अनूप माझी (Anup Majee) से जुड़े कोयला तस्करी सिंडिकेट और मनी लॉन्ड्रिंग जांच से संबंधित है। एजेंसी ने साफ किया कि न तो किसी राजनीतिक दल को निशाना बनाया गया और न ही यह कार्रवाई चुनाव से जुड़ी है। ED के मुताबिक, “सर्च पूरी तरह सबूतों के आधार पर की गई है और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है।”
‘मुख्यमंत्री ने जबरन दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूत हटवाए’—ED
ED ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने सहयोगियों और राज्य पुलिस के साथ I-PAC कार्यालय पहुंचीं और वहां से दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जबरन हटवाए गए। एजेंसी के अनुसार, इससे PMLA (Prevention of Money Laundering Act) के तहत चल रही जांच में बाधा पहुंची है।
बंगाल में सियासी टकराव और तेज
I-PAC Raid को लेकर TMC और BJP आमने-सामने हैं। एक ओर ममता बनर्जी इसे चुनावी साजिश बता रही हैं, तो दूसरी ओर ED इसे नियमित और सबूत-आधारित कार्रवाई करार दे रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा बंगाल की राजनीति को और गरमा सकता है।
