महत्वकांक्षी योजनाओं की झारखण्ड मंत्रालय में समीक्षा

छोटानागपुर प्रमण्डल के जिलों की फ्लैगशिप योजनाओं की झारखण्ड मंत्रालय में समीक्षा

रांची. दक्षिणी छोटानागपुर प्रमण्डल के जिलों की फ्लैगशिप योजनाओं की झारखण्ड मंत्रालय में समीक्षा हुई. जिसमें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जिलाधिकारियों को कहा कि केवल ड्यूटी नहीं आत्मसंतुष्टि के लिए समाज को गरीबी से निजात दिलाने के लिए और कर्तव्य का उत्कृष्ट उदाहरण बनने के लिए काम करें. उन्होंने कहा कि झारखण्ड बदल रहा है और मुझे विश्वास है कि तत्पर और प्रतिबद्ध प्रयास से झारखण्ड देश का सबसे विकसित राज्य बनेगा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी विकास समिति/ग्राम विकास समितिजन सहभागिता को विकास से जोड़ते हुए गरीबी दूर करेंगे और गांवों का विकास होगा. 5 लाख रुपए तक के विकास योजनाओं का पैसा सीधे इन समितियों को मिलेगा. उन्होंने कहा कि राज्य के सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं को स्मार्ट फोन दिया जाएगा जिसमें वे बच्चों के सभी आंकड़े अपडेट करेंगे. 24 मई जल संग्रहण दिवस मनाया जाएगा और उसी दिन से पूरे राज्य में 1000 तालाब की खुदाई शुरू होगी.

ये भी पढ़ें- पत्रकार हत्या का विरोध, पत्रकारों के लिए सुरक्षा कानून लागू करने की मांग

रघुवर दास ने कहा कि शिक्षा के द्वारा गरीबी दूर होगी. इसके लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. राज्य में 89 मॉडल स्कूल बनाए गए हैं, जिनमें डीसी जरूरत के हिसाब से घंटी आधारित शिक्षक की बहाली करें. मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मामलों की समीक्षा करते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चियों के स्वास्थ्य पर विशेष फोकस रहेगा. बाल विवाह हर हाल में न हो. बाल विवाह रोकने वाले पंचायतों को सम्मान और प्रोत्साहन दोनों मिलेगा. मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों से यह स्पष्ट कहा कि वे अपने लगातार निगरानी से सौभाग्य योजना की समीक्षा करें. उन्होंने कहा कि यह हमारा संकल्प है कि इस वर्ष के अंत तक हर हाल में सभी घर सभी गांव रौशन हो.

प्रतिदिन किसी एक योजना की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि इस प्रमण्डल के लिए निर्धारित लगभग 34000 में 26000 घर बन चुके हैं. ग्रामीणों को यह पता रहे कि उनका नाम प्रतीक्षा सूची में कहां है. दीवाल लेखन के माध्यम से प्रतीक्षा सूची प्रदर्शित करें. उन्होंने कहा कि उज्जवला और उज्जवला प्लस के सभी लाभुकों का केवाईसी 15 नवम्बर 2018 तक पूरा करें. बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों से कहा कि वे प्रतिदिन किसी एक योजना की समीक्षा करें.

बैठक में मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, विकास आयुक्त अमित खरे, अपर मुख्य सचिव वित्त सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डा.सुनील कुमार वर्णवाल सहित विभागों के प्रधान सचिव, सचिव तथा रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला और लोहरदगा के उपायुक्त उपस्थित थे.