हिमाचल में बढ़ता जा रहा है अपराध

हिमाचल में बढ़ता जा रहा है अपराध-Panchayat Times
साभार इंटरनेट

शिमला. हिमाचल प्रदेश में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है. राज्य में लगातार आपराधिक वारदातें हो रही हैं और बेखौफ बदमाशों को काबू करने में पुलिस बेबस नजर आ रही है. हाल के दिनों में राज्य के विभिन्न भागों में कई संगीन वारदातें घटी हैं. लूट, गोलीकांड, हत्या, बलात्कार और छेड़खानी के मामलों की बाढ़ सी आ गयी है. खासतौर पर नाबालिग बच्चियों से बलात्कार की घटनाओं से लोग सकते में हैं.

अपराध के आंकड़े बताते हैं कि पुलिस का अपराधियों पर कोई अंकुश नहीं रह गया है. जघन्य वारदातों ने पुलिस के आलाधिकारियों की नींद उड़ा दी है. राज्य में न केवल अपराधी बल्कि खनन माफिया भी बेलगाम हैं. प्रदेश में सक्रीय खनन माफिया भी अपने आखें दिखाते हुए पुलिस दल पर हमला कर चुका है. विधानसभा में भी माफिया का मामला गूंजता रहा है लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी उन पर अंकुश नहीं लग पाया है.

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ड्रग, वन और खनन माफिया के बाद अब प्रदेश में गोलीकांड की गूंज सुनने लगी है. ऐसा होने से प्रदेशवासी भी सहमने लगे है. गोलीकांड की घटनाओं की बात करें तो दो दिन पूर्व सोलन में शहर के नामी कारोबारी राजकुमार मितल के घर पर गोलीकांड की घटना पेश आई. यह कोई पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी राज्य में कई गोलीकांड की घटनाए पेश आ चुकी है. कसौली में महिला अधिकारी के शूटआउट की घटना के दो दिन बाद ही कांगड़ा में गोलीकांड सामने आया है, यहां गोलीकांड की घटना में दो युवकों की जान चली गई थी.

कुछ महीने पहले अज्ञात हमलावरों ने सोलन में जिम ट्रेनर लक्की को गोली मारकर मौत के घाट उतारा दिया था. सोलन के ही कसौली के बुघर कनैता पंचायत के ढिब गांव के जंगल में हुए गोली कांड में एक व्यक्ति की मौत हुई थी. हरियाणा से सटे सोलन के परवाणू में एक शूट आउट में बदमाशों ने जसविंद्र सिंह उर्फ रॉकी को मौत के घाट उतार दिया था. वहीं शिमला के ठियोग में सिरफिरे युवक ने युवती पर गोली चला दी थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी. फिलहाल आरोपित पुलिस पकड़ की गिरफ्त से बाहर है.  शिमला में कनलोग एवं लक्कड़ बाजार में भी गोलीकांड की घटनाएं हो चुकी हैं.

दूसरी तरफ, राज्य के पुलिस महानिदेशक सीताराम मरडी का कहना है कि अपराध पर नियंत्रण के लिए पुलिस विशेष रणनीति बनाकर काम कर रही है और जघन्य मामलों के फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष टीमें गठित की गई है. उन्होंने बताया कि ज्यादातर अपराधी संगीन वारदातों को अंजाम देने के बाद राज्य से फरार हो जाते हैं. इस कारण उन्हें पकड़ना कठिन हो रहा है. इसके लिए राज्य के सीमावर्ती इलाकों की पुलिस को चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं.