नई दिल्ली: भारत और जर्मनी ने द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए 19 महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoUs) पर हस्ताक्षर किए और आठ अहम घोषणाएं कीं। इनमें रक्षा औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने के लिए संयुक्त आशय घोषणा (Joint Declaration of Intent) और व्यापार-निवेश को बढ़ावा देने के लिए सीईओ फोरम की स्थापना शामिल है।
रक्षा, व्यापार और कौशल विकास पर जोर
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि जर्मन चांसलर की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापक संवाद हुआ। बातचीत में रक्षा, व्यापार, कौशल विकास, हरित ऊर्जा और लोगों के बीच संपर्क (People-to-People Ties) जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया।
भारतीय यात्रियों के लिए बड़ी राहत: वीज़ा-फ्री ट्रांजिट
यात्रा और मोबिलिटी के क्षेत्र में एक बड़ी घोषणा करते हुए जर्मनी ने भारतीय पासपोर्ट धारकों को जर्मनी के माध्यम से वीज़ा-फ्री ट्रांजिट की सुविधा देने की घोषणा की। इसके साथ ही भारतीय हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की भर्ती के लिए एक नया ढांचा भी तय किया गया है।
हरित साझेदारी के तहत 1.24 अरब यूरो की फंडिंग
जर्मनी ने ग्रीन एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट पार्टनरशिप के तहत 1.24 अरब यूरो की फंडिंग की घोषणा की है। यह राशि नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और जलवायु-सहिष्णु शहरी बुनियादी ढांचे के विकास में उपयोग की जाएगी।
द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगी नई गति
विशेषज्ञों के अनुसार, इन समझौतों और घोषणाओं से भारत-जर्मनी संबंधों को नई मजबूती मिलेगी और आर्थिक, रणनीतिक व सामाजिक सहयोग को और विस्तार मिलेगा।
