नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए पूरी मजबूती के साथ तैयारी कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी का मकसद खिलाड़ियों को अधिक से अधिक प्रतिस्पर्धी अवसर देना है। पीएम मोदी वाराणसी में आयोजित 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप के उद्घाटन अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित कर रहे थे।
प्रधानमंत्री ने कहा,
“2030 कॉमनवेल्थ गेम्स भारत में आयोजित होंगे और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भी देश पूरी गंभीरता से प्रयास कर रहा है, ताकि हमारे खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अधिक मौके मिल सकें।”
Khelo India और TOPS ने बदला खेलों का परिदृश्य
पीएम मोदी ने ‘खेलो इंडिया’ अभियान को गेम चेंजर बताते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से सैकड़ों युवा राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच पाए हैं। उन्होंने Target Olympic Podium Scheme (TOPS) का भी उल्लेख किया, जिसके जरिए खिलाड़ियों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय सहायता और अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से भारत के खेल इकोसिस्टम में बड़ा बदलाव आया है और अब यह पूरी तरह एथलीट-सेंट्रिक मॉडल पर आधारित है, जिसमें टैलेंट आइडेंटिफिकेशन, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, पोषण और पारदर्शी चयन प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
भारत ने 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी की
प्रधानमंत्री ने भारत की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि देश अब तक 20 से ज्यादा बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की सफल मेजबानी कर चुका है। इनमें FIFA अंडर-17 वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और अंतरराष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिताएं शामिल हैं। इससे भारत की वैश्विक खेल मंच पर बढ़ती पहचान साफ झलकती है।
खेल बजट में बढ़ोतरी, नई नीतियों से पारदर्शिता
पीएम मोदी ने बताया कि सरकार ने खेल बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की है। साथ ही National Sports Governance Act और Khelo Bharat Policy 2025 जैसे कदमों से खेल संगठनों में पारदर्शिता आएगी और सही प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि इन नीतियों से युवा खिलाड़ी खेल और शिक्षा—दोनों में एक साथ आगे बढ़ सकेंगे।
वाराणसी बन रहा है नया स्पोर्ट्स हब
प्रधानमंत्री ने वाराणसी को उभरता हुआ खेल केंद्र बताते हुए कहा कि यहां राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन शहर के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और एथलेटिक विकास की दिशा में अहम कदम है।
उन्होंने वॉलीबॉल को देश की प्रगति से जोड़ते हुए कहा,
“वॉलीबॉल सिखाता है कि कोई भी जीत अकेले हासिल नहीं होती। समन्वय, विश्वास और टीमवर्क से ही सफलता मिलती है। आज हमारा देश भी इसी भावना के साथ आगे बढ़ रहा है।”
पीएम मोदी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि जैसे एक मजबूत टीम मिलकर जीत हासिल करती है, वैसे ही भारत भी सामूहिक प्रयासों से विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
