नई दिल्ली. जर्मन अख़बार Frankfurter Allgemeine की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लागू करने के बाद हाल के हफ्तों में चार बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कॉल की, लेकिन मोदी ने ये कॉल रिसीव नहीं की। रिपोर्ट में कहा गया कि यह उनकी गहरी नाराजगी और सतर्कता का परिणाम था। यह जानकारी Global Public Policy Institute (GPPi) के सह-संस्थापक थॉर्स्टन बेन्नर ने ‘X’ (पूर्व ट्विटर) पर साझा की।
भारत-यूएस संबंधों में तनाव
अमेरिका और भारत के बीच रिश्ते कुछ दिनों से तनावपूर्ण बने हुए हैं। ट्रम्प ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया, जिसका कारण था भारत द्वारा रूसी क्रूड ऑयल की खरीद और दोनों देशों के बीच व्यापार असंतुलन। शुरू में 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया था, बाद में अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लागू कर कुल 50 प्रतिशत कर दिया गया। ट्रम्प ने कहा कि भारत हमारे दोस्त हैं, लेकिन हमने उनके साथ व्यापार में कम किया क्योंकि उनके टैरिफ बहुत अधिक हैं और गैर-मौद्रिक व्यापार बाधाएँ सबसे कठिन हैं।
भारत ने दिया जवाब
इसके बाद भारत ने अमेरिका को जवाब देते हुए इसे “अन्यायपूर्ण, असंगत और अनुचित” करार दिया। केंद्रीय सरकार ने कहा कि देश के राष्ट्रीय हितों, विशेषकर किसानों और छोटे व्यवसायियों के हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अहमदाबाद, गुजरात में कहा कि छोटे उद्यमियों, किसानों और पशुपालकों के हित उनकी प्राथमिकता हैं। मोदी ने कहा, “हमारी सरकार कभी भी आपके हितों के खिलाफ कोई समझौता नहीं करेगी, चाहे कितना भी दबाव आए, आपके हित कभी हानि नहीं पहुँचेंगे।”
