18वें एशियन गेम्स में पहली बार ताश खेलती नजर आएंगी भारतीय महिलाएं

18वें एशियन गेम्स में पहली बार ताश खेलती नजर आएंगी भारतीय महिलाएं
प्रतीक चित्र

नई दिल्ली. इंडोनेशिया के जकार्ता और पालेमबांग में आज से शुरू हो रहे 18वें एशियाई खेलों में पहली बार भारतीय महिलाएं ताश खेलती नजर आएंगी. ऐसा इसलिए की 1951 से शुरू हुए एशियाई खेलों में इस बार दो नए खेलों को जगह मिली है. जिसमें ब्रिज (ताश के पत्तों का खेल) और जुजित्सु शामिल है.

इस बार के एशियन गेम्स में 24 सदस्यीय भारतीय महिला ब्रिज टीम हिस्सा ले रही है, जो अन्य भारतीय टीमों की तुलना में सबसे बुजुर्ग टीम है. सबसे खास बात यह कि चार सदस्यों की उम्र 70 से अधिक है और पूरी टीम की औसत उम्र 60 है. पहली बार इस खेल में भारतीय खिलाड़ी पदक जीतने के लिए चुनौती पेश करेंगे.

रीता चोकसी

79 वर्षीया रीता चोकसी भारतीय टीम की सबसे उम्रदराज ब्रिज प्लेयर:

पहली बार एशियन गेम्स में शामिल होगा ‘ब्रिज’ गेम की 24 सदस्यीय टीम महिला टीम में रीता चोकसी, फिरोजा चोथिया, हेमा देवड़ा, भारती डे, मारियाने करमाकर, हिमानी खंडेलवाल, किरण नादर, अपर्णा सैन और वसंती शाह जैसी खिलाड़ी शामिल हैं. भारतीय महिला ब्रिज टीम में 79 वर्षीया रीता चोकसी सबसे बुजुर्ग खिलाड़ी हैं.

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क्या होता है ब्रिज:

इस खेल में 4 खिलाड़ी मिलकर एक टीम बनाते हैं. चारों खिलाड़ी एक टेबल पर दूसरी टीम के खिलाड़ी के सामने बैठते हैं जिसमें 2 खिलाड़ियों की दो-दो जोड़ियां बनती हैं. इस खेल में सभी खिलाड़ियों के बीच बराबर पत्ते बांटे जाते हैं और हर एक खिलाड़ी को अपने पार्टनर के साथ मिल कर ब्रिज बनाना होता है. यही वजह है कि इस खेल में कम्युनिकेशन और कोआर्डिनेशन की काफी जरूरत पड़ती है. टेबल पर एक कमपास रखा जाता है जो खिलाड़ियों की बैठने की व्यवस्था के हिसाब से टेबल पर मौजूद होता है. इसकी दिशा भी खिलाड़ियों की दिशा की तरह उत्तर-दक्षिण और पूर्व पश्चिम जैसी होती है. ब्रिज के खेल को नार्मन बच ने 1950 में शुरू किया था.

18वें एशियन गेम्स में पहली बार ताश खेलती नजर आएंगी भारतीय महिलाएं

ब्रिज खेलने में नहीं है कोई उम्र सीमा:

भारत में बड़ी संख्या में लोग ब्रिज (ताश) खेलते हैं, लेकिन पेशेवर खिलाड़ी के तौर पर नहीं, टाइम पास करने के लिए. इस खेल को 12 साल की उम्र से शुरू किया जा सकता है. इस खेल से तोबा करने की कोई उम्र नहीं होती है. क्योंकि यह एक दिमागी खेल है और जब तक दिमाग काम करता रहे इस खेल को खेल सकते हैं.