स्वास्थ्य मंत्री ने दिए निर्माणाधीन स्वास्थ्य संस्थानों के कार्य में तेजी लाने के निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री ने दिए निर्माणाधीन स्वास्थ्य संस्थानों के कार्य में तेजी लाने के निर्देश-Panchayat Times
स्वास्थ्य मंत्री हिमाचल प्रदेश

शिमला. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और आयुर्वेद मंत्री विपिन सिंह परमार ने राज्य के विभिन्न भागों में निर्माणाधीन स्वास्थ्य संस्थानों के कार्य में तेजी लाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद निर्माण कार्य में विलम्ब न्यायसंगत नहीं है. इससे आम जनमानस को समयबद्ध लाभ सुनिश्चित नहीं हो पाता और अनावश्यक लागत भी बढ़ती है.

वह शुक्रवार को शिमला में स्वास्थ्य विभाग के कार्यकलापों की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे. उन्होंने कहा कि विभिन्न जिलों में 10 नागरिक अस्पतालों के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाई है. और अधिकांश का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है.

उन्होंने कमला नेहरू अस्पताल शिमला के नव-निर्मित भवन को शीघ्र लोकार्पित करवाने को कहा. इस अस्पताल में बिजली के ट्रांसफार्मर पर 2.60 करोड़ रुपए की राशि का अनुमान प्राप्त हुआ है. विद्युत विभाग को इसे शीघ्र स्थापित करने को कहा गया है.

बैठक में अवगत करवाया गया कि मंडी अस्पताल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और इसके लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद की जा रही है. कुल्लू अस्पताल के निर्माण की निविदाएं आमंत्रित कर दी गई हैं और शीघ्र ही इसका कार्य आरंभ किया जाएगा.

नूरपुर अस्पताल के लिए 10 करोड़ रुपए राशि स्वीकृत की गई और एक करोड़ की अतिरिक्त राशि की आवश्यकता है. इसके लिए मंत्री ने विभाग को उपलब्ध करवाने को कहा. बिलासपुर और ऊना अस्पतालों के कार्य में प्रगति न होने पर स्वास्थ्य मंत्री ने नाराजगी जाहिर की. इसी प्रकार सुंदरनगर अस्पताल का नक्शा बनाने में देरी को लेकर भी मंत्री नाराज दिखें.

विपिन परमार ने कहा कि सोलन जिला अस्पताल को बाईपास के पास स्थानांतरित करने को लेकर लोगों की लंबे समय से मांग है, क्योंकि शहर के अंदर अस्पताल होने से वहां मरीजों को पहुंचाने में काफी कठिनाई आती है और अस्पताल के विस्तार के लिए भी उपयुक्त जगह नहीं है. इसके लिए उन्होंने अधिकारियों से ज़मीन संबंधी मामले की प्रक्रिया को उपायुक्त सोलन के साथ शीघ्र पूरी करने को कहा.

स्वास्थ्य मंत्री सुपर स्पैशियलिटी खण्ड टांडा के ऑप्रेशन थियेटर के निर्माण कार्य पर असंतुष्ट दिखें. उन्होंने कहा कि पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने के बावजूद इसमें पानी की निकासी जैसी अनेक खामियां हैं. जिससे मरीजों को दिक्कतें आ रही हैं. उन्होंने कहा कि टांडा में पीजी हॉस्टल का निर्माण किया जाना है और इसके लिए 8.50 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है उन्होंने इसकी प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा.

स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के विभिन्न अस्पतालों में 130 वैलनेस केन्द्रों की स्थापना शीघ्र करने को कहा ताकि लोगों को सुविधा मिल सके. उन्होंने हा कि इसके लिए दक्षिणी राज्यों की तर्ज पर अधोसंरचना को विकसित किया जाए और स्टॉफ के प्रशिक्षण की भी शीघ्र व्यवस्था की जाए. उन्होंने कहा कि वैलनेस केन्द्रों के लिए 18 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त हुई है.

उन्होंने कहा कि राज्य के सभी छः मेडिकल कॉलेजों में सीटी स्कैन तथा एमआरआई जैसी आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं. इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को दो महीने का समय निश्चित किया. उन्होंने आईजीएमसी शिमला की ओपीडी के शीघ्र निर्माण की भी बात कही. उन्होंने मेडिकल कॉलेज चंबा के सुधार और विस्तार की भी बात कही.

विपिन सिंह परमार ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री की स्वास्थ्य क्षेत्र में की गई घोषणाओं तथा बजट घोषणाओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की. उन्होंने कहा कि बजट की घोषणाएं लगभग पूरी की जा चुकी हैं. राज्य में ‘निरोग योजना’ शीघ्र लागू की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों से इन घोषणाओं पर प्रगति को लेकर आगामी बैठक में प्रस्तुति देने को कहा. इसी प्रकार, उन्होंने विभाग में लोक सेवा आयोग के माध्यम से 200 चिकित्सकों और कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर से पैरा मैडिक्स के 2000 पदों को भरने की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने को कहा.

विशेष सचिव स्वास्थ्य निपुण जिंदल, स्वास्थ्य निदेशक अजय गुप्ता, मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मनमोहन शर्मा, निदेशक मेडिकल शिक्षा डॉ. अशोक शर्मा के अलावा डॉ. अनादि गुप्ता, डॉ. गोपाल शर्मा  और अन्य अधिकारी बैठक में मौजूद रहे.