अंतरराष्ट्रीय तिब्बत सहायता समूहों की तीन दिवसीय बैठक समाप्त

धर्मशाला. निर्वासित तिब्बत सरकार के मुख्यालय धर्मशाला में अयोजित तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय तिब्बत सहायता समूहों की उच्च स्तरीय बैठक मंगलवार को संपन हुई. तीन दिनों तक चली इस बैठक में तिब्बत मुद्दे पर मुख्य रूप से मंथन किया गया. बैठक में चीनी सरकार से बातचीत को फिर से शुरू करने और बौद्व धर्मगुरू दलाईलामा और निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत को लेकर सभी ने एकमत से समर्थन किया.

इस बैठक में विश्व भर से 180 से अधिक राजनीतिक नेताओं, सांसदों, तिब्बत समर्थन समूहों, नीति निर्माताओं, लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ताओं, चीनी विद्वानों सहित बुद्धिजीवियों ने आठवें अंतर्राष्ट्रीय टीएसजी सम्मेलन में भाग लिया. सम्मेलन में सभी संबद्ध सहायता समूहों को दुनिया भर में राजनीतिक बदलावों के मद्देनजर तिब्बत मुद्दे को आगे बढ़ाने के प्रयासों को मजबूत करने के लिए जोर दिया गया.

तीन दिवसीय सम्मेलन में टीएसजी सदस्यों द्वारा पीआरसी के तहत तिब्बत की बिगड़ती स्थिति और चीनी समकक्षों की कमी पर परम पावन दलाई लामा या सीटीए के प्रतिनिधियों के साथ मध्य मार्ग दृष्टिकोण के आधार पर बातचीत नहीं किए जाने पर चिंता व्यक्त की गई.

सदस्यों ने संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सदस्यों से अपील कि की वे चीनी सरकार को तिब्बत के साथ बातचीत में प्रवेश करने के लिए प्रेरित करें ताकि पारस्परिक रूप से लाभकारी समाधान निकाला जा सके. वहीं बैठक में पुनर्जन्म के मुद्दे पर सदस्यों द्वारा गहनता से चर्चा की गई.

उन्होंने सर्वसम्मति से निष्कर्ष निकाला कि 14 वें दलाई लामा के पुनर्जन्म के बारे में सभी निर्णय परम पावन दलाई लामा और उनके ट्रस्ट द्वारा ही लिए जाने चाहिए.