नई दिल्ली: ISRO ने देश की सीमाओं और समुद्री तटों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। ISRO के चेयरमैन वी नारायणन ने हाल ही में खुलासा किया कि कम से कम 10 Satellites भारत की Borders और Coastline की 24×7 Satellite Surveillance कर रहे हैं। ये अंतरिक्षीय निगरानी प्रणाली भारत की National Security Strategy का अहम हिस्सा बन चुकी है।
तटीय क्षेत्रों और Northern Borders पर निगरानी जरूरी: ISRO Chief
मणिपुर के Central Agricultural University, Imphal में 5वें दीक्षांत समारोह के दौरान वी नारायणन ने कहा:
“अगर हमें देश की सुरक्षा सुनिश्चित करनी है, तो हमें अपने Space Assets को National Security में झोंकना होगा। 7,000 किमी की Coastline हो या Northern Borders — हमें हर गतिविधि पर Real-Time नजर रखनी होगी।”
ISRO Satellite Surveillance: दुश्मनों की हर चाल पर नजर
इन 10 उपग्रहों की मदद से ISRO सीमाओं पर हो रही हर गतिविधि को रिकॉर्ड कर रहा है। चाहे Pakistan Border हो या China के साथ LAC, उपग्रह रियल-टाइम डेटा देकर Indian Defence Forces को Strategic Edge प्रदान कर रहे हैं।
“Border Monitoring, Maritime Surveillance और Real-time Intelligence Gathering आज की रक्षा रणनीति का हिस्सा हैं,” नारायणन ने कहा।
Satellites और Drones बनेंगे Future Defence System का आधार
ISRO प्रमुख ने यह भी कहा कि उपग्रहों और ड्रोन तकनीक के बिना भारत कभी भी Full-Spectrum Defence Coverage हासिल नहीं कर सकता। मौजूदा Geopolitical Threats, जैसे कि Border Skirmishes और Cross-Border Terrorism, को देखते हुए, ये तकनीकें अब मात्र विज्ञान नहीं, बल्कि रणनीतिक जरूरत बन चुकी हैं।
ISRO की भूमिका Operation Sindoor जैसे मिशन में भी अहम
हाल ही में भारत द्वारा लॉन्च किए गए Operation Sindoor, जिसमें पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया, उसमें ISRO की Satellite Support की भूमिका भी सामने आई है। Real-time Target Mapping, Location Intelligence और Post-Strike Assessment — ये सभी Space-Based Data से ही संभव हो पाए।
वैज्ञानिक शिक्षा और National Security का संयोजन
वी नारायणन ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि India’s Future depends on Technological Sovereignty.
उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे Space Technology और Defence Research में करियर बनाकर देश की प्रगति और सुरक्षा में योगदान दें।
ISRO द्वारा चलाया जा रहा 24×7 Satellite Surveillance Program न केवल भारत की सीमाओं की सुरक्षा को पुख्ता कर रहा है, बल्कि दुश्मनों को यह साफ संदेश भी दे रहा है कि अब सीमा पार किसी भी हरकत की कीमत चुकानी पड़ेगी।
आज जब भारत Border Tension, Cross-border Terrorism और China-Pakistan Threat Axis से जूझ रहा है, ISRO जैसी संस्थाओं की भूमिका अब केवल विज्ञान तक सीमित नहीं रही — वो अब National Security Infrastructure का अहम हिस्सा बन चुकी है।
