रांची के जगन्नाथपुर में ऐतिहासिक मेले की शुरुआत

रांची. ऐतिहासिक जगन्नाथ मेले की शुरुआत शनिवार को सुबह पूजा अर्चना के साथ शुरू हो गई है. भगवान जगन्‍नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के विग्रहों की पूजा करने भक्तों का जमावड़ा सुबह से ही लगा हुआ है. जगन्नाथपुर में हर वर्ष भव्य तरीके से रथ यात्रा का आयोजन किया जाता रहा है. इस बार भी रथ यात्रा का भव्य आयोजन पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ किया गया है. इस बार पूरा मेला परिसर सुरक्षा दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन की निगरानी में रहेगा. जिसके लिए जिला प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं. मेले परिसर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षाबलों के साथ-साथ सादे लिबास में भी पुलिस बल तैनात किए गए हैं.

जगन्नाथपुर मेले में राज्य के कई जिलों से व्यापारी पीढ़ी दर पीढी यहां पंहुचते रहे हैं. मेले की खासियत यह भी है कि यहां झारखंड के पारंपरिक सामानों को एक बड़ा मंच मिलता है और लोग जमकर उन पारंपरिक सामानों की खरीदारी करते हैं. जगन्नाथपुर मंदिर की खासियत यह भी है कि ब्रिटिश शासन के दौरान अंग्रेजो के खिलाफ रणनीति तैयार करने के लिए यहां पर दूर दराज के लोग रथ मेला के बहाने एकत्र होते थे और अंग्रेजो के खिलाफ आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाती थी.

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वहीं, मुख्यमंत्री रघुवर दास ने झारखण्ड सहित सम्पूर्ण देशवासियों को भगवान जगन्नाथ रथयात्रा की हार्दिक शुभकामनाएं दी है. उन्होंने अपने संदेश में कहा कि भगवान जगन्नाथ से यही प्रार्थना है कि सम्पूर्ण देश में सुख-समृद्धि और सद्भावना का विस्तार हो. मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की अलौकिक कृपा से हम सब अपने साझे प्रतिबद्ध प्रयास से झारखण्ड से गरीबी का नामोनिशान मिटा सकें.

आपको बता दें कि रांची में 1691 ई. से भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का आयोजन बड़े ही धूम धाम से किया जाता रहा है और लाखों की संख्या में श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के इस दुलर्भ दर्शन का आनंद लेने राज्य भर के दूर-दराज इलाके से आते हैं. भगवान जगन्नाथ रथ पर सवार होकर आज मौसी बाड़ी जाएंगे और 9 दिनों बाद भगवान जगन्नाथ वापस गर्भ गृह लौटेंगे.