जगत प्रकाश नड्डा चुने गए भाजपा के नये अध्यक्ष, जानिए उनसे जुड़े कुछ दिलचस्प पहलू

जगत प्रकाश नड्डा चुने गए भाजपा के नये अध्यक्ष, जानिए उनसे जुड़े कुछ दिलचस्प पहलू- Panchayat Times

नई दिल्ली/शिमला. 2 दिसंबर 1960 बिहार की राजधानी पटना में जन्में और हिमाचल प्रदेश के रहने वाले जगत प्रकाश नड्डा को भाजपा का नया अध्यक्ष चुना गया है. वो भाजपा के 11वें अध्यक्ष होंगे.

नड्डा मात्र 16 साल की उम्र में जेपी आंदोलन से जुड़ गए थे. इसके बाद वो सीधे छात्र राजनीति से जुड़ गए. उनके नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार एबीवीपी ने जीत हासिल की.

निर्विरोध रूप से चुने गये अध्यक्ष

केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से जगत प्रकाश नड्डा के नाम का प्रस्ताव भाजपा के संगठन चुनाव प्रभारी राधामोहन सिंह को दिया गया था. इसके बाद जेपी नड्डा को निर्विरोध रूप से अध्यक्ष चुना गया.

राजनीतिक जीवन

1989 में जेपी नड्डा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बने. 1991 में भाजपा की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के अध्यक्ष बने. 1993 में वे हिमाचल प्रदेश की बिलासपूर सीट से विधायक चुने गए और 1994 से लेकर 1998 तक राज्य विधानसभा में पार्टी के नेता रहे. 1998 में ही उन्हें स्वास्थ्य और संसदीय मामलों का मंत्री बनाया गया.

2007 में उन्होंने एक बार फिर जीत हासिल की. इस बार उन्हें वन पर्यावरण मंत्री बनाया गया. 2010 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया. 2012 में नड्डा का करियर ग्राफ एक बार फिर चढ़ा और वे राज्यसभा में आ गए. 2014 में उन्हें भाजपा संसदीय समिति का सचिव नियुक्त किया गया. 2014 में कैबिनेट पुनर्गठन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री बनाया.

कई राज्यों के रहे प्रभारी और चुनाव प्रभारी

अपने राजनीतिक करियर में नड्डा जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, केरल, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के प्रभारी और चुनाव प्रभारी रहे. भाजपा में उनका कद लगातार बढ़ता रहा. उन्हें भाजपा की निर्णय लेने वाली सबसे बड़ी संस्था भाजपा संसदीय बोर्ड का सदस्य बनाया गया. अमित शाह ने 2019 के लोकसभा चुनाव में नड्डा को उत्तर प्रदेश का जिम्मा सौंपा यहां पर उन्होंने पार्टी को 50 फीसदी से ज्यादा वोट और 64 सीटें दिलाईं. इसके बाद जून 2019 में भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष चुने गए.

प्रधानमंत्री और अमित शाह के साथ नजदीकी रिश्ते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के साथ नड्डा के नजदीकी रिश्ते रहे हैं. नरेंद्र मोदी जब हिमाचल के प्रभारी हुआ करते थे तब से दोनों के बीच अच्छे समीकरण रहे हैं. दोनों 10 अशोका रोड स्थित भाजपा मुख्यालय में बने आउट हाउस में रहते थे.

चुनौतियां

नड्डा के चुनाव के साथ ही अमित शाह का अध्यक्ष के तौर पर साढ़े पांच साल का कार्यकाल खत्म हो गया. नड्डा अब जब सबसे शक्तिशाली दल के शीर्ष पर पहुंच गए हैं अब उनके लिए पहली सबसे बड़ी चुनौती दिल्ली, बिहार और पश्चिम बंगाल में है. इसके बाद असम सहित कई राज्यों के चुनाव होने हैं.