कसौली हत्याकांड हिमाचल पुलिस पर धब्बा: जय राम

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने सोमवार को शिमला में गृह विभाग की समीक्षा बैठक

शिमला. मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने सोमवार को शिमला में गृह विभाग की समीक्षा बैठक की. जहां उन्होंने राज्य पुलिस को पूरे उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ काम करने के निर्देश दिए जिससे प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था की स्थिति सुनिश्चित बनाई जा सके. उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को शान्ति और सदभावना के लिए जाना जाता है, लेकिन हाल ही में कसौली घटनाक्रम के कारण राज्य पुलिस की कार्यप्रणाली पर धब्बा लगा है. भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इस दिशा में प्रयास करने की आवश्यकता है.

दोषियों के लाइसेंस रद्द किए जाएं

जय राम ने कहा कि पुलिस को मादक द्रव्यों, मोटरवाहन अधिनियम के उल्लघंन व महिलाओं की सुरक्षा इत्यादि के बारे में विशेष जागरूकता अभियान शुरू करने चाहिए. उन्होंने कहा कि पुलिस को नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख़्ती से निपटना चाहिए और दोषियों के लाइसेंस रद्द किए जाएं. पुलिस को दो पहियों वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक करने के लिए भी विशेष अभियान चलाना चाहिए. उन्होंने कहा कि महिला पुलिस थानों की कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाया जाए और वैवाहिक विवादों के मामलों में परामर्श के लिए उचित अवसर प्रदान किए जाने चाहिए. उन्होंने सड़क के गड्डों को चिन्हित कर इनका शीघ्र सुधार करने पर भी बल दिया.

‘गुड़िया हेल्पलाइन’ और ‘शक्ति ऐप’

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मादक द्रव्यों के दुष्प्रभवों के बारे में स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान शुरू किए जाएं. इन अभियानों को सफल बनाने के लिए स्थानीय निकायों, पंचायतों, महिला मण्डलों और गैर-सरकारी संगठनों को भी शामिल किया जाए. इसके अतिरिक्त अवैध खनन रोकने पर भी कड़ी निगाह रखें और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि ‘गुड़िया हेल्पलाइन’ और ‘शक्ति ऐप’ की निगरानी में कोई ढील नहीं दी जाए ताकि महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोका जा सके. उन्होंने ‘होशियार हेल्पलाइन’ को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया ताकि खनन, मादक द्रव्यों के दुरूपयोग और वन माफिया मामलों को नियंत्रित किया जा सके और दोषी को उचित दण्ड मिले.

13 करोड़ रुपए की वन संपत्ति जब्त

बैठक में सूचित किया गया कि पिछले चार महीनों के दौरान मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन करने वालों से 7.6 करोड़ रुपये वसूल किए गए. इसके अतिाक्त, खनन अधिनियम के तहत 1687 लोगों के चालान काट कर 70 लाख रुपये का जुर्माना वसूल किया गया और वन अधिनियम के तहत 13 करोड़ रुपए की वन संपत्ति जब्त की गई. मुख्य सचिव विनीत चौधरी ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि पुलिस विभाग अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए समर्पण भाव से कार्य करेगा. अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह बी.के अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन किया जाएगा.

पुलिस बल को और अधिक सशक्त बनाने की योजना

पुलिस महानिदेशक एस.आर मरडी ने हा कि पुलिस बल को और अधिक सशक्त बनाने के लिए एक योजना 15 दिनों के भीतर तैयार की जाएगी. उन्होंने कहा कि अपराधों पर नियत्रंण पाने के लिए विभाग नई योजनाओं पर भी कार्य करेगा. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, कानून एवं व्यवस्था अनुराग गर्ग ने इस अवसर पर विभाग की ओर से प्रस्तुतीकरण दिया.