पुलवामा हमले के विरोध में जम्मू बंद, मोबाइल, इंटरनेट सेवा स्थगित

पुलवामा. पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले के विरोध में जहां एक ओर जम्मू संभाग में विभिन्न राजनीतिक, व्यवसायिक व सामाजिक संगठनों ने जम्मू बंद कर दिया गया है, वहीं कश्मीर घाटी में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है.

हालात बिगड़ने की आशंका के चलते व सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने राज्यभर में मोबाइल, इंटरनेट सेवा स्थगित कर दी है. इस बीच केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी श्रीनगर पहुंच रहे हैं. राज्य पुलिस के डीजीपी सहित विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी श्रीनगर के लिए रवाना हो गए हैं. गृहमंत्री श्रीनगर पहुंच पुलवामा हमले की जानकारी व सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बैठक करेंगे.

इस बैठक में सेना, पुलिस, सीआरपीएफ सहित विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के पदाधिकारी भाग लेंगे. पुलवामा हमले के बाद राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है. सीमा पर भी हाई अलर्ट कर दिया गया है. उल्लेखनीय है कि पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर अब तक का सबसे बड़ा आत्मघाती हमला हुआ है. श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित अवंतीपोरा के पास गोरीपोरा में गुरुवार को जैश ए मोहम्मद के आत्मघाती आतंकी आदिल अहमद उर्फ वकास ने कार बम से सीआरपीएफ के एक काफिले में शामिल बस को उड़ा दिया था.

इस हमले में 44 जवान शहीद व 36 के करीब घायल हुए हैं. सभी घायल जवानों को उपचार के लिए बादामी बाग सैन्य छावनी स्थित सेना के 92 बेस अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. इस विस्फोट में तीन अन्य वाहनों को भी क्षति पहुंची है. सीआरपीएफ के सभी शहीद जवान 17वीं, 54वीं और 92वीं वाहिनी के हैं. इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने ली है.

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साभार इंटरनेट

यह हमला जैश ए मोहम्मद द्वारा बनाए गए अफजल गुरु स्क्वायड ने किया है. इस घटना के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है. पुलवामा जिले के लगभग 15 गांवों में आतंकियों की धरपकड़ के लिए सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान चलाया हुआ है. आतंकियों ने फौजियों के वाहन पर उस समय हमला किया जब सीआरपीएफ के जवान वाहन से जम्मू से श्रीनगर की तरफ जा रहे थे. इस काफिले में सीआरपीएफ के 40 जवान शामिल थे. जैसे ही श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गोरीपोरा (जिला अवंतीपोरा) के पास यह वाहन पहुंचे तो अचानक एक कार तेजी से काफिले में घुसी और जवानों की एक बस को टक्कर मारी और उसके बाद विस्फोट हो गया.

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने पुलवामा में हुए इस आतंकी हमले की कड़ी निन्दा करते हुए जान गंवाने वाले बहादुर सैनिकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है. उन्होंने हमले में घायल हुए सभी जवानों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना भी की है. उल्लेखनीय है कि 18 सितम्बर 2016 में उरी हमले के बाद यह सबसे बड़ा हमला है.उरी हमले में 18 जवान शहीद हुए थे, जबकि इस हमले में 44 जवान शहीद हुए हैं और 36 घायल हैं.