झारखंड का विकास जेडीयू ही कर सकती है : रामसेवक सिंह

झारखंड का विकास जेडीयू ही कर सकती है : रामसेवक सिंह

रांची. समाज कल्याण मंत्री बिहार सरकार रामसेवक सिंह ने पत्रकार वार्ता में कहा कि झारखंड प्रदेश बने 19 वर्ष हो गया है. पक्ष विपक्ष के रूप में जेएमएम और बीजेपी ने बारी-बारी से झारखंड में शासन किया, मगर झारखंड की आदिवासी मूलवासी जनता को अपने सपनों का झारखंड अब तक नहीं मिला. उन्हें एक स्वच्छ और सशक्त विकल्प की तलाश है जो जेडीयू ही दे सकता है.

उन्होंने कहा कि जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के व्यक्तित्व और नीतीश मॉडल के पांच मूल मंत्रों से यह पूरा हो सकता है. जो इस प्रकार है, सुशासन, न्याय के साथ विकास, महिला सशक्तिकरण, शराबबंदी और जनकल्याण.

उन्होंने कहा कि जेडीयू झारखंड में सभी संवैधानिक प्रावधानों को लागू करते हुए पूर्व घोषित 73% संयुक्त आरक्षण और अन्य को 10% आरक्षण का पक्षधर है. शिबू सोरेन और हेमंत सोरेन के नेतृत्व में जेएमएम के चार बार मुख्यमंत्री बन कर भी भूमि झारखंडी संस्कृति और नौकरी बचाने में असमर्थ रही है. सीएनटी एसपीटी कानून को खुद तोड़ा, सरना धर्म कोड के लिए भी कुछ नहीं कहा. झारखंडी डोमिसाइल नीति बनाने का वादा कर सब को धोखा दिया, जेएमएम नकारा साबित हुआ और शिबू सोरेन भी लोकसभा चुनाव हार चुके हैं जेएमएम से आगे भी कोई उम्मीद करना बेकार ही होगा.

बीजेपी ने सीएनटी एसपीटी कानून को कई बार तोड़ा है, ओर बड़े-बड़े पूंजीपति और उद्योगपतियों के लिए जबरन भूमि अधिग्रहण कर झारखंड को विस्थापन पलायन करने को मजबूर करना ही इनका मॉडल है. बीजेपी आरक्षण और आदिवासी मूलवासी विरोधी है, जहां जेडीयू बिहार और देश में शराबबंदी पर कार्य कर रही है, वहीं झारखंड में बीजेपी पूरे राज्य में शराब की दुकान खोल रहे हैं, और अधिकांश ग्रामीण स्कूलों को बंद किया रहा है, जो जनविरोधी और निंदनीय है. आगे झारखंड विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय झारखंड जनता दल 81 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए प्रयत्नशील है.