झारखंड में सिंगल यूज प्लास्टिक सामग्री को ना

रांची. पर्यावरण की सेहत सुधारने के लिए सरकारी दफ्तरों में सिंगल यूज प्लास्टिक सामग्री का उपयोग अब बीते दिनों की बात होगी. मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी ने प्रधानमंत्री के आह्वान और मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी विभागों के प्रमुखों को राज्य के सभी प्रतिष्ठानों में सिंगल यूज प्लास्टिक के कुछ उत्पादों को पूर्णत और कुछ को यथासंभव कम से कम उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. मुख्य सचिव ने कहा है कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती दो अक्टूबर तक हर हाल में सरकारी दफ्तरों को प्लास्टिक मुक्त करना है. मुख्य सचिव ने प्राइवेट कार्यालयों को भी इसका अनुसरण करने की अपील की है.

सिंगल यूज प्लास्टिक सामग्री का बिल नहीं होगा पास

मुख्य सचिव ने सभी सचिवों को निर्देश दिया है कि वे अपने निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों को अलग से निर्देश दें कि सिंगल यूज प्लास्टिक सामग्री की खरीदारी नहीं करें, ना ही ऐसी किसी सामग्री का भुगतान करें, जब तक कोई स्पष्ट निर्देश प्राप्त नहीं हो.

सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग एकत्रित करें

मुख्य सचिव ने राज्य सरकार के अधीनस्थ या प्रशासनिक नियंत्रण वाले कार्यालयों में सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग एकत्रित करने की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने को कहा है.

प्लास्टिक सामग्री नहीं नजर आएंगे दफ्तरों में

मुख्य सचिव के निर्देश के अनुसार सभी सरकारी विभागों एवं उसके अधीनस्थ या नियंत्रण वाले कार्यालयों, बोर्ड, निगम, निकाय, प्राधिकार आदि में प्लास्टिक, थर्मोकोल डिस्पोजेबल से निर्मित कटलेरी खाद्य सामग्री के पैकेट सहित कप, गिलास, बॉउल, चम्मच-कांटा, कंटेनर, स्ट्रॉ आदि पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा.

अत्यंत अपरिहार्य स्थिति में इनका उपयोग करें

कतिपय प्लास्टिक सामग्री कृत्रिम फूल, बैनर, झंडे, फ्लॉवर पॉट, पेट प्लास्टिक वाटर बॉटल, प्लास्टिक फोल्डर, ट्रे आदि को अत्यंत अपरिहार्य स्थिति में उपयोग तभी किया जाए, जब कोई अन्य विकल्प मौजूद नहीं हो.

प्लास्टिक कैरी बैग है पूर्णतः प्रतिबंधित

वन एवं पर्यावरण विभाग, झारखंड ने अधिसूचना से पहले ही सभी प्रकार के प्लास्टिक कैरी बैग का निर्माण, आयात, भंडारण, परिवहन, बिक्री और उपयोग पर पूर्णतः प्रतिबंध है.