झारखंड : सिमडेगा, चतरा और खूंटी को भी रेल नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी, विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति के प्रतिवेदन को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की हरी झंडी

झारखंड : सिमडेगा, चतरा और खूंटी को भी रेल नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी, विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति के प्रतिवेदन को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की हरी झंडी - Panchayat Times
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रांची. बुधवार 25 नवंबर को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य में भविष्य में रेल परियोजनाओं के निर्माण और उनपर होने वाले खर्च पर सुझाव देने के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति के प्रतिवेदन को मंजूरी दे दी है.

इस समिति द्वारा समर्पित प्रतिवेदन में अति महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को केंद्र और राज्य सरकार 50-50 प्रतिशत शेयरिंग खर्च के आधार पर निर्माण के लिए लिया जाएगा.

सिमडेगा, चतरा और खूंटी को भी रेल नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी

वहीं, राज्य के वैसे जिला मुख्यालयों जहां अभी तक रेले कनेक्टिवटी नहीं है, उसे रेलवे नेटवर्क से कनेक्ट करने में महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को संयुक्त उद्दम के तौर पर शुरू करने तथा राज्य के अंदर की रेल परियोजनाओं की पहचान, योजना और उसके विकास में जेआरआईडीसीएल के द्वारा एंकर रोल निभाने के संदर्भ में समिति ने प्रतिवेदन में विस्तृत सुझाव दिए हैं.

 50-50 प्रतिशत शेयरिंग खर्च वाली रेल परियोजाएं

विकास की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा समर्पित प्रतिवेदन में कहा गया है कि जो रेल परियोजनाएं राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, उनके निर्माण में होने वाले खर्च में केंद्र और राज्य सरकार की 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी.

ऐसी रेल परियोजनाओं के निर्माण में होने वाले खर्च में राज्य सरकार की हिस्सेदारी बढ़ती है तो इसे  रेलवे अथवा संयुक्त उद्दम के जरिए बनाया जाएगा.

राज्य के जिला मुख्यालयों में रेलवे कनेक्टिविटी को लेकर भी सुझाव

राज्य के सिमडेगा, चतरा और खूंटी समेत वैसे जिला मुख्यालय जो रेलवे कनेक्टिवटी से नहीं जुड़े हैं, उसे रेल नेटवर्क से जोड़ने को लेकर भी समिति के प्रतिवेदन में सुझाव दिए गए हैं.

इसके साथ राज्य के दूरस्थ इलाकों में रेल कनेक्टिविटी के लिए ली जाने वाली योजनाओं में राज्य सरकार की हिस्सेदारी कम होगी, लेकिन ऐसे दूरस्थ इलाकों की पहचान में जेआरआईडीसीएल  भूमिका निभाएगा.

महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं का निर्माण संयुक्त उद्दम मॉडल पर होगा

वैसी रेल परियोजनाएं जो वित्तीय लाभदायक नहीं है, पर राज्य में क्रिटिकल कनेक्टिवटी, कैपासिटी इनहांसमेंट और सामाजिक आर्थिक विकास के लिहाज से जरूरी है, उनको संयुक्त उद्दम के डेब्ट इक्विटी कॉन्सेप्ट पर लिया जाएगा.

ऐसी रेल परियोजनाओं के खर्च को लेकर राशि वाह्य श्रोतों- प्राइवेट/ गवर्नेंट स्टेकहोल्डर्स और लोन के जरिए जुटाई जाएगी.

राज्य की रेल परियोजनाओं में जेआरआईडीसीएल (JRIDCL) एंकर रोल की भूमिका में होगा

राज्य की जरूरतों को देखते हुए रेल परियोजनाओं की पहचान, योजना बनाने और उसके विकास में राज्य की ज्वाइंट वेंचर-जेआरआईडीसीएल (राज्य सरकार और रेल मंत्रालय) एंकर रोल निभाएगा.

ऐसी रेल परियोजनाओं के लिए बनाए जाने वाले संयुक्त उद्यम में राज्य सरकार और रेलवे मंत्रालय की हिस्सेदारी 51-49 के अनुपात में होगी. इन रेल परियोजनाओं का वित्त वहन डेब्ट इक्विटी के आधार पर होगा.

समिति में कौन–कौन सदस्य

विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति में योजना एवं वित्त विभाग के सचिव, राजस्व, निबंधन और भूमि सुधार विभाग के सचिव, पथ निर्माण विभाग के सचिव और परिवहन विभाग के सचिव सदस्य हैं. इस समिति ने झारखंड के लिहाज से महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं, राज्य में रेल कनेक्टिवटी बढ़ाने तथा उस पर होनेवाले खर्चे को लेकर अपने सुझाव को प्रतिवेदन के रूप में राज्य सरकार को सौंपा है.