झारखंड: किसानों की ऋण माफी के लिए सरकार ने बढ़ाये कदम कृषि मंत्री ने एक महीने के अंदर सभी किसानों के लोन खातों को आधार से लिंक करने को कहा

झारखंड: किसानों की ऋण माफी के लिए सरकार ने बढ़ाये कदम कृषि मंत्री ने एक महीने के अंदर सभी किसानों के लोन खातों को आधार से लिंक करने को कहा - Panchayat Times

रांची. राज्य के कृषि मंत्री बादल ने राज्यस्तरीय कमिटी के पदाधिकारियों के साथ की गई बैठक में निद्रेश दिये कि ऋणी कृषकों के डाटा के प्रारूप में एकरूपता लाने के लिए 5 दिनों के अंदर एनपीए खातों की डिटेल्स बैंक दें.

बादल ने किसान ऋण माफी योजना को धरातल पर उतारने के लिये सभी पदाधिकारियों को निद्रेश दिया है कि जो भी ऋणी किसान हैं उनके लोन खातों को अभियान चलाकर आधार एवं माबाईल नम्बर से लिंक किया जाये.

एक महीने के अंदर सभी किसानों के ऋणों के खातों का सत्यापन

एक महीने के अंदर जिला एवं प्रखंड स्तर पर सभी किसानों के ऋणों के खातों का सत्यापन संबंधित बैंक द्वारा सुनिश्चित किया जाये. जिसके लिये Special DLCC,BLBC बैठक करने को कहा गया है. बादल गुरूवार को नेपाल हाउस में विकास आयुक्त सहित कई विभागीय पदाधिकारियों के साथ किसान ऋण योजना को लेकर राज्यस्तरीय कमिटी की बैठक कर रहे थे.

बादल ने बैठक में सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि नवंबर महीने के अंदर सभी जिला एवं प्रखंड स्तर के बैंकर्स कमिटी का बैठक कर आपसी समन्वय स्थापित कर बीएलओ के माध्यम से सभी ऋणी किसानों के बैंक खातों को आधार के साथ लिंक करने का कार्य सुनिश्चित करें तथा केवाईसी सुनिश्चित की जाये.

उपायुक्त एवं विभागीय पदाधिकारी भी इस कार्य में आवश्यक सहयोग प्रदान करें. इस संदर्भ में उपायुक्तों के साथ विडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से बैठक करने का भी निद्रेश उनके द्वारा दिया गया.

किसानों का जो भी डाटा बैंकों के पास है, उसे एक ही प्लेटफॉर्म पर लाना  मकसद

बादल ने कहा कि किसानों का जो भी डाटा बैंकों के पास है, उसे एक ही प्लेटफॉर्म पर लाना है ताकि राज्य के किसानों के लोन की सही स्थिति का आकलन किया जा सके. उन्होंने कहा कि इसके लिये सभी बैंक एसएलबीसी के साथ समन्वय स्थापित कर  एक प्लेटफॉर्म तैयार करें साथ ही विभाग की ओर से भी आईटी विभाग के सहयोग से डाटा प्लेटफॉर्म तैयार किया जायेगा और दोनों पोर्टल को इंटीग्रेट किया जायेगा.

साथ ही कृषि मंत्री ने निद्रेश दिया कि सभी विभागीय पदाधिकारी विभिन्न बैंकों के अधिकारियों से संपर्क कर अगले पांच दिनों के अंदर एनपीए का कैटोगरी के अनुसार स्टेटस प्राप्त करें. किसानों को सरकार की ऋण माफी योजना का लाभ मिल सके इसके लिये सभी बैंकों तथा विभाग के माध्यम से प्रचार प्रसार सुनिश्चित कराया जाये.

बैठक में कृषि ऋण माफी के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गयी, जिसमें अन्य राज्यों का अनुभव, विभिन्न स्टेक होल्डर्स एवं एसएलबीसी की भूमिका भी पर भी चर्चा की गई. ज्ञात हो कि सरकार ने ऋण माफी योजना के तहत 2000 करोड़ रुपये बजट में उपबंधित कर रखा है.

बैठक में मुख्य रूप से विकास आयुक्त केके खंडेलवाल,  सचिव, राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग झारखण्ड केके सोन एवं हिमानी पांडेय वित्त सचिव, झारखण्ड, कृषि सचिव अबू बकर सिद्दिकी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे.