झारखंड में निजी क्षेत्र में 75 फिसदी रोजगार स्थानीय उम्मीदवारों को देने का फैसला, जानिए क्या है इस बिल में खास और इससे पहले किन राज्यों ने की है इस तरह की कोशिश

झारखंड में निजी क्षेत्र में 75 फिसदी रोजगार स्थानीय उम्मीदवारों को देने फैसला, जानिए क्या है इस बिल में खास और इससे पहले किन राज्यों ने की है इस तरह की कोशिश - Panchayat Times
Jharkhand CM Hemant Soren

रांची. झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में 7 सितंबर 2021 को निजी क्षेत्रों में ‘स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन विधेयक 2021’ पर प्रवर समिति की रिपोर्ट पेश की गयी. इसमें निजी क्षेत्रों में स्थानीय उम्मीदवारों को 40 हजार रुपये मासिक तक की नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया.

इससे पहले मार्च में हरियाणा सरकार ने इस तरह का विधेयक पारित किया था, जिसके तहत प्रदेश में 50 हजार तक कि नौकरियों में हरियाणा के 75 फिसदी लोगों को रोजगार देना अनिवार्य कर दिया गया है.

वे राज्य जिन्होंने किया प्रयास

महाराष्ट्र (वर्ष 1968 और 2008), हिमाचल प्रदेश (वर्ष 2004), ओडिशा (वर्ष 2008), कर्नाटक (वर्ष 2014, 2016 और 2019), आंध्र प्रदेश (वर्ष 2019), मध्य प्रदेश (वर्ष 2019) जैसे राज्यों में कई दलों (सत्तारूढ़ या विपक्षी नेताओं) द्वारा भी इस पर विचार किया गया है. हालांकि इनमें से किसी को भी लागू नहीं किया गया है और यह कार्यान्वयन तंत्र की कमी तथा उद्योगों, निकायों के अनिच्छुक दृष्टिकोण के कारण केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है.

क्या कहता है झारखंड का नया अधिनियम

तीन महीने के अंदर के दर्ज कराना होगा ब्यौरा

इस अधिनियम के लागू होने के तीन महीने के अंदर इसके दायरे में आने वाली संस्थाओं को पोर्टल पर ऐसे कर्मचारियों का पंजीकरण कराना होगा, जिन्हें 40 हजार रुपये तक वेतन मिलता है. नियुक्ति के दौरान विस्थापितों और समाज के सभी वर्गों का ध्यान रखना होगा. नियुक्ति प्रक्रिया पर नजर रखने और जांच के लिए समिति के गठन का प्रावधान है.

उम्मीदवारों को भी कराना होगा पोर्टल पर पंजीकरण

प्रावधान के तहत स्थानीय उम्मीदवारों को भी पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा. रजिस्ट्रेशन नहीं कराने वाले को इस अधिनियम का लाभ नहीं मिलेगा. अधिनियम में निहित अलग-अलग प्रावधानों के लिए अलग-अलग दंड का प्रावधान किया गया है. अनुमंडल पदाधिकारी से नीचे के स्तर का कोई न्यायालय इस अधिनियम के उल्लंधन से संबंधित मामलों पर संज्ञान नहीं लेगा.

नियुक्ति प्रक्रिया पर जांच समिति की रहगी नजर

नियुक्ति पक्रिया पर नजर रखने के लिए अभिहित पदाधिकारी (Designated Officer) की अध्यक्षता में गठित समिति में सदस्य के रूप स्थानीय विधायक या उनका नामित प्रतिनिधि, उपविकास आयुक्त, संबंधित अंचल के सीओ, जिले के श्रम अधीक्षक और जिला नियोजन पदाधिकारी समिति के सदस्य होंगे. नियुक्ति के मामले में जिलास्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट की समीक्षा अभिहित पदाधिकारी करेंगे.

इसमें कौशल व योग्यता के आधार पर नियोक्ता द्वारा स्थानीय उम्मीदवारों को नियुक्त करने के लिए नियोक्ता द्वारा किये गये प्रयास का मूल्यांकन किया जायेगा. मूल्यांकन के आधार पर नियोक्ता के दावे को रद्द या स्वीकार किया जायेगा.

स्थानीय उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करने के लिए नियोक्ता को निर्देश दिया जा सकेगा. नियोक्ता द्वारा पेश किये गये प्रतिवेदन की सत्यता की जांच के लिए संबंधित दस्तावेज की मांग की जा सकेगी. नियोक्ता को अभिहित पदाधिकारी द्वारा पारित किसी आदेश के खिलाफ अपील करने का अधिकार होगा. अपीलीय पदाधिकारी 60 दिनों के अंदर अपील का निष्पादन करेंगे.

दंड का  भी प्रावधान

अधिनियम की धारा (3) का उल्लंघन करने यानी 40 हजार रुपये वेतन पाने वाले कर्मचारियों का पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराने वाले नियोक्ता पर 25 हजार से एक लाख रुपये तक का दंड लगाया जा सकेगा. उल्लंघन प्रमाणित होने के बाद भी उल्लंघन करना जारी रहने की स्थिति में दो हजार रुपये प्रति दिन की दर से दंड लगाया जा सकेगा. अधिनियम की धारा चार यानी 75 प्रतिशत आरक्षण नहीं देने पर नियोक्ता पर 50 हजार से दो लाख रुपये तक दंड लगाया जायेगा.

दोष प्रमाणित होने के बाद भी उल्लंघन जारी रखने की स्थिति में प्रतिदिन पांच हजार रुपये की दर से दंड लगाया जा सकेगा. नियोक्ता द्वारा किसी मामले में गलत या झूठा प्रतिवेदन पर 50 हजार रुपये दंड लगाया जा सकेगा. अधिनियम में निहित प्रावधानों के उल्लंघन के मामले में दूसरी बार दोषी साबित होनेवाले नियोक्ता पर दो लाख से पांच लाख रुपये तक का दंड लगाया जा सकेगा.

दंड की रकम अदा नहीं करने पर प्राधिकृत पदाधिकारी द्वारा एक प्रमाण पत्र तैयार किया जायेगा. इसमें नियोक्ता पर लगाये गये दंड का उल्लेख होगा. इस प्रमाण पत्र को उस जिला उपायुक्त को भेजा जायेगा जहां वह व्यापार करता हो. उपायुक्त के स्तर से राशि की वसूली के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जायेगी.