झारखंड में नए मॉर्डन आईएसबीटी बनाने की तैयारी

सीपी सिंह ने कहा कि जिन जगहों पर इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी)...
प्रतीक चित्र

रांची. झारखंड के नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि सभी शहरों में आधारभूत संरचना और नागरिक सुविधा उपलब्ध कराना सरकार का दायित्व है. इसे लेकर सरकार सजग और तत्पर है. सिंह सोमवार को झारखंड के शहरों में पीपीपी मोड पर आधारभूत संरचना के विकास को लेकर आयोजित इन्वेस्टर मीट में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे. इसका आयोजन नगर विकास एवं आवास विभाग ने किया था. सीपी सिंह ने कहा कि जिन जगहों पर इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) बनाने का निर्णय लिया गया, वे सभी शहर के महंगे और महत्वपूर्ण स्थान हैं. इसलिए निर्माण कंपनियों को नुकसान नहीं होगा. उन्होंने कहा कि कम से कम तीन शहरों में आईएसबीटी के निर्माण के लिए कुछ ठोस निर्णय लिये जाने चाहिए.

मंत्री ने कहा कि विभाग निवेश की नीतियों में भी थोड़ा लचीलापन लाए, ताकि प्रयास सार्थक हो. इन्वेस्टर मीट में रांची, धनबाद और जमशेदपुर में इंटर स्टेट बस टर्मिनल का पीपीपी मोड पर निर्माण का प्रस्ताव विभाग की ओर से निवेशकों को दिया गया है. इसके साथ जमशेदपुर के गोलमुरी, साकची, बिष्टुपुर और बारीडीह में पूर्व से बने मार्केटिंग कंपलेक्स के विकास का भी प्रस्ताव समिट में रखा गया. सरकार की ओर से आश्वस्त किया गया कि निवेशकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और उन्हें आर्थिक रूप से कोई नुकसान नहीं होगा.

 सीपी सिंह ने कहा कि जिन जगहों पर इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी)...

इस मौके पर विभागीय सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य में शहरी विकास के क्षेत्र में निजी भागीदारी सुनिश्चित करना है. इस दिशा में विभाग ने हर प्रयास किए हैं. उन्होंने कहा कि निजी निवेश के लिए नीतियों का निर्धारण भी हुआ है. यह इन्वेस्टर मीट काफी महत्वपूर्ण है. नीतियों में अगर कोई संशोधन की जरूरत है, तो सुझाव आमंत्रित है. उन्होंने कहा कि इसके बाद निजी निवेश के लिए एक ड्राफ्ट इन्वेस्टमेंट प्लान तैयार कर मंत्री परिषद के समक्ष रखा जाएगा और मंत्री परिषद से अनुमति व स्वीकृति के बाद अगले आदर्श आचार संहिता से पहले तीन शहरों की आईएसबीटी के निर्माण कार्य को धरातल पर लाने का प्रयास किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगले 40 वर्षों की जरूरतों को देखते हुए यह प्लान तैयार होगा. सिंह ने कहा कि एयरपोर्ट की तर्ज पर बस टर्मिनल पर ही यात्रियों के लिए तमाम सुविधाएं मॉल, कमर्शियल कंपलेक्स, होटल्स इत्यादि की व्यवस्था रहेगी.

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धनबाद के मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने कहा कि धनबाद में दो जगहों पर जो दो आईएसबीटी प्रस्तावित है, वह शहर के बहुत ही महंगी जगह है. इसके साथ ही यह भी निश्चित होना चाहिए कि अगर आप धनबाद में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का काम करना चाहते हैं, तो आपको किसी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी और आपका इन्वेस्टमेंट बेकार नहीं जाएगा. उन्होंने खुले दिल से निवेशकों को धनबाद में निवेश के लिए आमंत्रित किया. इस कार्यक्रम में निवेशकों के समक्ष विभिन्न कंपनियों की ओर से प्रजेंटेशन दिया गया और प्रस्तावित प्रोजेक्ट में आने वाली लागत, उस से प्राप्त होने वाले राजस्व और सरकार के साथ शर्तों पर चर्चा की गयी. प्रोजेक्ट लगाने के लिए आने वाले वित्तीय खर्च को देखते हुए बैंक ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक भी कार्यक्रम में मौजूद रहे और निवेशकों के सवालों का जवाब भी दिया.

इस अवसर पर स्टेट अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी के निदेशक अमित कुमार ने ने कहा कि निर्माण कंपनी के साथ कमर्शियल एरिया के जमीन का लीज एग्रीमेंट किया जाएगा. कार्यक्रम में सूडा के निदेशक अमित कुमार, डीएमए डायरेक्टर राजीव रंजन, संयुक्त सचिव एसबी अम्बष्ट, जुडको के प्रोजेक्ट डायरेक्टर इन फिनांस अमित चक्रवर्ती और विभाग के कई पदाधिकारी तथा विभिन्न राज्यों से पहुंचे निवेशक मौजूद थे.