सरहद की रक्षा करते हुए झारखंड के सीता राम शहीद

रांची. जम्मू-कश्मीर सीमा पर झारखण्ड के वीर सपूत सीता राम उपाध्याय देश की सरहद की रक्षा करते हुए शहीद हो गए. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस शहादत पर श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की है कि उनके परिवार को ये असहनीय दुख सहने की शक्ति दे.

जनकारी के अनुसार जम्मू के आरएस सेक्टर और अरनिया सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से गुरुवार देर रात फायरिंग में बीएसएफ जवान सीताराम उपाध्याय (28) शहीद हो गए. सीताराम गिरिडीह पीरटांड थानाक्षेत्र के पालगंज गांव के रहने वाले थे. शुक्रवार सुबह उनके शहीद होने की जानकारी मिलने के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

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शहीद जवान की पत्नी रेशमी उपाध्याय को सुबह जब घटना की सूचना मिली, तब से वह बार-बार बेहोश हो रही है. बेशुध और लगातार रो रही रेशमी उपाध्याय पाकिस्तान को जवाब देने की मांग कर रही है. उनका कहना है कि “सरकार महज दिखावा कर रही है, मुआवजा से क्या होगा, उनके पति वापस लौट आएंगे क्या?” उनकी तीन साल की एक बेटी और दो साल का एक बेटा है. 2 मई को छुट्टी के बाद ही सीताराम ने गिरिडीह से श्रीनगर ड्यूटी ज्वॉइन किया था. रेशमी उपाध्याय ने बताया कि गुरुवार की रात को ही फोन पर पति से उनकी बात हुई थी और पति ने कहा था कि सब ठीक है. उनकी रात में ड्यूटी थी और सुबह जानकारी मिली कि वे शहीद हो गये.

अंतिम संस्कार गांव में ही किया जाएगा

सीताराम उपाध्याय के शहीद होने की सूचना के बाद से पूरा गांव गम में डूब गया है. उनके पिता देख नहीं सकते. इस घटना के बाद से वे बिल्कुल गुमसुम हो गए हैं. रह-रहकर उनके घर से रोने-चीखने की आवाज आ रही है. शहीद सीताराम का पार्थिव शरीर शनिवार को गिरिडीह पहुंचेगा. इसके बाद उनका अंतिम संस्कार गांव में ही किया जाएगा.