पत्रकारिता एक मिशन है : उपराष्ट्रपति

रायपुर. उपराष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू बुधवार को शासकीय विज्ञान महाविद्यालय परिसर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह को मुख्य आतिथि की हैसियत से संबोधित कर रहे थे. उन्होंने यहां कहां कि पत्रकारिता एक मिशन है, कमीशन नहीं. पहले पत्रकारिता एक मिशन थी, आज यह उद्योग का स्वरूप ले रही है. इससे पत्रकारिता की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है. कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने की.

इस अवसर पर डॉ. सिंह ने कहा कि समाचारों की विश्वसनीयता ही पत्रकारिता की पहचान होती है. हम सभी सूचनाएं गढ़ने, प्रेषित करने और प्राप्त करने की क्षमता रखते हैं, ऐसे दौर में हमारी जिम्मेदारी और भी अधिक बढ़ जाती है. उचित और अनुचित में भेद करने का दायित्व हम सभी का है. इस दौर में पत्रकारिता के विद्यार्थियों को विवेकशील बनना होगा.

रायपुर: जय सिंह ने नागार विमानन सचिव से की मुलाकात, जगदलपुर से 15 जून से उड़ाने शुरू

नायडु ने कहा कि पत्रकारिता के विद्यार्थी एक आदर्श पत्रकार के रूप में देश और समाज हित में काम करें. एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दें माता, मातृभूमि, मातृभाषा और गुरूजनों का सम्मान करना कभी न भूलें. आज आईटी का युग है. लेकिन इंटरनेट के गूगल जैसे सर्च इंजन कभी भी किसी गुरू का स्थान नहीं ले सकते.

मुख्यमंत्री डॉ. रमन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता का गौरवशाली इतिहास रहा है. समाचारों की विश्वसनीयता ही पत्रकारिता और पत्रकारों की पहचान बनाती है. लोकतंत्र में पत्रकारिता सिर्फ समाचार देने का माध्यम ही नहीं है.

बल्कि देश और समाज को सही दिशा देना भी इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है. दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के 406 विद्यार्थियों को डिग्री और 19 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए. इनमें वर्ष 2014-15 एवं वर्ष 2016 और 2017 के बीच में उत्तीर्ण एमफिल. के 27, स्नातकोत्तर के 170 और स्नातक के 209 छात्र-छात्राओं को उपाधियां दी गई.

छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री  प्रेमप्रकाश पाण्डेय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अजय चंद्राकर, कृषि एवं जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद रमेश बैस विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे.

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि एक स्वस्थ्य लोकतंत्र के लिए स्वस्थ्य और निष्पक्ष पत्रकारिता बहुत जरूरी है. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पत्रकारिता का अनिवार्य हिस्सा है. लेकिन अभिव्यक्ति के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रहित सर्वोपरि है. समाचार देने के पहले तथ्यों की पुष्टि आवश्यक है. पत्रकार जो बोलता और लिखता है, उसका मूल्यांकन आने वाली पीढ़ी करती है.

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ का यह पहला पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय की जब कल्पना की थी तभी यह तय किया गया कि विश्वविद्यालय का नामकरण प्रखर चिंतक और विचारक स्व. कुशाभाऊ ठाकरे की स्मृति में किया जाएगा. हमारे लिए यह गौरव की बात रहीं की छत्तीसगढ़ प्रदेश के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी जी के हाथों इस विश्वविद्यालय का उद्घाटन हुआ.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया के तकनीकी औजारों, वेबसाइट, फेसबुक, वाटसअप से इन दिनों हमारे और आपके स्मार्ट फोन पर दुनिया के हर कोने से आ रही सूचनाओं का सैलाब उमड़ रहा है.

उपराष्ट्रपति ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय की स्मारिका ‘‘केटीयू न्यूज‘‘ के दीक्षांत विशेषांक का विमोचन किया. विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. मानसिंह परमार ने स्वागत उद्बोधन दिया. कुलसचिव डॉ. अतुल कुमार तिवारी ने आभार प्रदर्शन किया.