नई दिल्ली. न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना जो भारत की पहली महिला Chief Justice of India (CJI) बनने की रेस में सबसे आगे हैं, अब जल्द ही Supreme Court Collegium का हिस्सा बनने जा रही हैं। जस्टिस अभय एस. ओका की सेवानिवृत्ति के बाद, 25 मई से जस्टिस नागरत्ना कॉलेजियम की पांचवीं वरिष्ठतम जज के रूप में आधिकारिक तौर पर शामिल हो जाएंगी।
कौन हैं जस्टिस बीवी नागरत्ना?
जन्म: 30 अक्टूबर 1962
पिता: पूर्व मुख्य न्यायाधीश ई. एस. वेंकटरमैया
वकालत की शुरुआत: 28 अक्टूबर 1987, बेंगलुरु
विशेषज्ञता: संविधान, वाणिज्य, बीमा, और सेवा कानून
न्यायिक करियर:
18 फरवरी 2008: कर्नाटक हाईकोर्ट में अतिरिक्त जज
17 फरवरी 2010: स्थायी जज
2021: सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति
देश की पहली महिला CJI बनने की राह
अगर सब कुछ योजना के अनुसार चलता है तो 23 सितंबर 2027 को वे भारत की पहली महिला चीफ जस्टिस बनेंगी और उनका कार्यकाल 29 अक्टूबर 2027 तक रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम में कौन-कौन?
- CJI भूषण आर. गवई
- जस्टिस सूर्यकांत
- जस्टिस विक्रम नाथ
- जस्टिस जे.के. माहेश्वरी
- जस्टिस बीवी नागरत्ना
कॉलेजियम कैसे करता है काम?
Supreme Court Collegium वह प्रणाली है, जिसके ज़रिए देश के सुप्रीम कोर्ट और 25 हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति, ट्रांसफर और पदोन्नति की सिफारिश की जाती है।
यह व्यवस्था 1993 के एक सुप्रीम कोर्ट फैसले के बाद अस्तित्व में आई।
सरकार सिफारिश को एक बार लौटा सकती है, लेकिन कॉलेजियम द्वारा दोबारा भेजने पर उसे आमतौर पर मान लिया जाता है।
हालांकि, हाल के वर्षों में कई सिफारिशें लंबित या अस्वीकृत भी रही हैं।
आने वाले बदलाव
CJI गवई, जो हाल ही में देश के 54वें मुख्य न्यायाधीश बने हैं, अब अपनी पहली कॉलेजियम बैठक बुलाने जा रहे हैं। इसमें उच्च न्यायालयों में जजों की नियुक्ति और सुप्रीम कोर्ट की खाली सीटों को भरने पर चर्चा होगी।
