झारखंड के पहले मुख्यमंत्री को एक दिन का उपवास क्यों रखना पड़ा

झारखंड विकास मोर्चा के सुप्रीमो बाबू लाल मरांडी ने ये बाते बिजली पानी

रांची. “राजधानी रांची में ही जनता सुरक्षित नहीं है. भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता हर वर्ष आपसी सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश करते हैं. ऐसा शायद ही कोई वर्ष रहा है जब इस पाक महीने में आपसी सौहार्द न बिगड़ने की कोशिश की गई हो.” झारखंड विकास मोर्चा के सुप्रीमो बाबू लाल मरांडी ने ये बाते बिजली पानी और शिक्षा जैसे मुद्दे के साथ अन्य मुद्दों को लेकर पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत आयोजित एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम में कही.

“बिजली और पानी के लिए जनता त्राहिमाम कर रही है”

मरांडी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है. दिनों-दिन छात्रों के उत्तीर्ण होने का प्रतिशत घट रहा है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि “बिजली और पानी के लिए जनता त्राहिमाम कर रही है और सरकार बड़ी-बड़ी बातें कर जनता को बरगलाने का काम कर रही है. उन्होंने कहा कि हाल में हुए उपचुनाव में जनता ने बीजेपी को उसका असली चेहरा दिखाने का काम किया है. जबकि 2019 बीजेपी के लिए कष्टदायक होने वाला है.”

चरमराई बिजली-व्यवस्था

रघुवर सरकार की तरफ से बंद कराए गए 12,470 प्राइमरी और अपर प्राइमरी सरकारी विद्यालयों को चालू करने, राज्य की चरमराई बिजली-व्यवस्था को दुरुस्त करने और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने सहित अन्य मांगों को लेकर जेवीएम राजभवन के सामने एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम आयोजित किया.

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इस मौके पर बंधु तिर्की ने कहा कि रघुवर सरकार झारखंड के छात्र-छात्रों के साथ खिलवाड़ कर रही है. 12,470 स्कूलों को बंद करा दिया गया है. जिससे बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है और बच्चों का शिक्षा माध्यम स्कूल ही रहता है. सरकार उसे भी बंद करा रही है.

“धार्मिक उन्माद फैलाने में लगे”

पूर्व मुख्यमंत्री ने वर्तमान सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब राजधानी में पानी और बिजली की व्यवस्था चरमरा गई है तो दूसरे जिलों की स्थिति कितनी भयावह होगी. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और निगम का इस पर तनिक भी ध्यान नहीं है. मरांडी ने कहा कि भाजपा सिर्फ धार्मिक उन्माद फैलाने में हैं. इस उपवास कार्यक्रम में मुख्य रूप से जेवीएम अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, उपाध्यक्ष डॉ. सबा अहमद, प्रधान महासचिव प्रदीप यादव, महासचिव बंधु तिर्की सहित तमाम पदाधिकारीगण, तमाम जिलाध्यक्ष और काफी संख्या में नेता-कार्यकर्ता मौजूद थे.