नई दिल्ली. 25 जुलाई को, सुपरस्टार से नेता बने Kamal Haasan ने राज्यसभा सांसद (Rajya Sabha MP) के रूप में शपथ ली। उन्होंने तमिल भाषा में Oath Taking Ceremony पूरी कर यह दर्शाया कि वो न केवल राजनीति में, बल्कि अपनी सांस्कृतिक जड़ों (Cultural Roots) में भी मजबूती से टिके हुए हैं। यह कमल हासन की पार्टी मक्कल निधि मय्यम (एमएनएम) के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है, जिसे उन्होंने 2018 में लॉन्च किया था।
डीएमके गठबंधन और राजनीतिक पुरस्कार
कमल हासन का यूक्रेन में डीएमके द्वारा शामिल होना एक राजनीतिक पुरस्कार भी माना जा रहा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में एमएनएम ने डीएमके के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (एसपीए) को समर्थन दिया था, जिसके बाद गठबंधन ने तमिल की सभी 39 सीटों पर जीत दर्ज की। 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर डीएमके और एमएनएम का यह गठबंधन पहले एक डेमोक्रेटिक पार्टी के रूप में देखने को मिल रहा है।
Parliament में Kamal Haasan की भूमिका और उम्मीदें
सर्जना में कमल हासन की एंट्री सिर्फ एक सेलिब्रिटी एंट्री के तौर पर नहीं बल्कि एक नीति-उन्मुख नेतृत्व के रूप में देखने को मिल रही है। वे लंबे समय से शिक्षा, वैज्ञानिक स्वभाव, सामाजिक न्याय और सुशासन जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।
Political Analysts को उम्मीद है कि हासन संसद में:
समावेशी विकास, युवा-उन्मुख नीतियां और सुधार-प्रेरित बहसें उठाएंगे।
2021 में हार, 2024 में ब्रेक, अब 2026 पर नजरें
2019 Lok Sabha Elections में MNM को लगभग 4% वोट शेयर मिला था। 2021 Tamil Nadu Assembly Elections में हासन ने Coimbatore South Seat से चुनाव लड़ा, पर सिर्फ 1,500 वोटों से हार गए। 2024 General Elections में MNM ने चुनाव नहीं लड़ा, बल्कि DMK Alliance को समर्थन दिया। अब MNM को उम्मीद है कि वह 2026 TN Assembly Elections में सत्ता में भागीदारी के साथ उतरेगी।
एक नई राजनीतिक पहचान
Kamal Haasan का Rajya Sabha Debut न केवल तमिलनाडु, बल्कि पूरे भारत के लिए एक नया पॉलिटिकल नैरेटिव (Political Narrative) गढ़ने जैसा है – जहाँ Cinema, Civil Society और जनसेवा का एक संगम बनता दिखाई दे रहा है।
