1908 करोड़ की कनहर बराज सिंचाई परियोजना को हरी झंडी

नई दिल्ली. भारत सरकार के जल संसाधन मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में सोमवार को नई दिल्ली में उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें केन्द्र सरकार के वित्त मंत्रालय, ऊर्जा मंत्रालय, कृषि मंत्रालय, वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, और नीति आयोग के वरीय पदाधिकारीगण सहित केन्द्रीय जल आयोग के अध्यक्ष ने भाग लिया .

कनहर बराज पर मुख्य सचिव ने दिया प्रेजेंटेशन

इस समिति के समक्ष  झारखंड सरकार के जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव डीके तिवारी की अगुवाई में विभाग के मुख्य अभियंता व अन्य अभियंताओं की ओर से राज्य सरकार की सिंचाई परियोजना कनहर बराज पर विस्तृत जानकारी देते हुए एक प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया गया. इस परियोजना के अंतर्गत गढ़वा जिले के रंका प्रखंड के खूरी गांव में बराज बनाया जाएगा. इस बराज से 17.10 किमी लम्बी मुख्य नहर निकलेगी जो लावादोनी तक जायेगी जहाँ एक डैम बनाया जाएगा जिसका अधिकतम जल स्तर 308 मीटर होगा. इस डैम से दो नहर क्रमशः बांयी और दाहिनी मुख्य नहरें निकलेंगी जो 82.22 तथा 46.97 किमी लम्बी होंगी . बांयी नहर से एक प्रतापपुर ब्रांच नहर निकलेगी जो 25.7 किमी लम्बी होगी. .

इस परियोजना से 53283 हेक्टेयर क्षेत्र (CCA) में सिंचाई होगी. सुखाड़ से लगातार प्रभावित गढ़वा जिले के लिए यह योजना एक वरदान साबित होगा. गढ़वा जिले के 10 प्रखंड गढ़वा, मेराल, रमना, डंडई, नगरउंटारी, बिशुनपुरा, कांडी, मझियांव, केतार व भवनाथपुर तथा पलामू जिले का चैनपुर प्रखंड इस परियोजना से लाभान्वित होंगे . इस परियोजना में पीने के पानी और नये उद्योगों के लिए भी पानी का प्रावधान किया गया है . कुल मिलाकर 27 लाख 40 हजार व्यक्तियों को इसका लाभ मिल सकेगा. इस परियोजना से कई जलाशयों, आहरों तथा तालाबों को अतिरिक्त पानी देकर पूरे क्षेत्र को सुखाड़ के प्रभाव से मुक्त किया जाएगा .

इस परियोजना की सबसे बड़ी यह विशेषता है कि इसके डूब क्षेत्र से एक भी व्यक्ति विस्थापित नहीं होगा.

परियोजना की वर्तमान लागत रु 1908 करोड़ है जिस पर शनिवार को केंद्र सरकार की सलाहकार समिति के की तरफ से स्वीकृति प्रदान की गई है.