नई दिल्ली. Kargil Vijay Diwas 2025 के अवसर पर भारतीय सेना अपने बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए तीन नई पहल (three new initiatives) की शुरुआत करने जा रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य न केवल सैनिकों की वीरता का सम्मान करना है, बल्कि आम नागरिकों को सेना के बलिदानों और जमीनी हालात से जोड़ना भी है।
- E-Shradhanjali Portal: डिजिटल श्रद्धांजलि का नया प्लेटफॉर्म
भारतीय सेना द्वारा लॉन्च किया जाने वाला E-Shradhanjali Portal नागरिकों को डिजिटल माध्यम से देश के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने की सुविधा देगा। अब लोग बिना किसी स्मारक पर जाए भी ऑनलाइन pay tribute to Kargil war heroes कर सकेंगे। एक सेना अधिकारी के अनुसार, “यह पोर्टल देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले जवानों को सम्मानित करने का एक आधुनिक माध्यम बनेगा।” - QR Code Based Audio App: सुनें कारगिल युद्ध की असली कहानियां
सेना की दूसरी पहल है एक QR Code based audio application, जिसमें नागरिक Kargil War Battles की आवाज़ों और कहानियों को सीधे अपने मोबाइल या डिवाइस पर सुन सकेंगे। जैसे म्यूज़ियम में ईयरफोन लगाकर गाइड सुनाई जाती है, वैसे ही इस App में Tololing Hill से लेकर Tiger Hill की वीरगाथाएं साझा की जाएंगी। यह एप्लिकेशन आने वाली पीढ़ियों को उस संघर्ष की जीवंत झलक देगी, जिसे भारतीय सैनिकों ने लड़ा था।
- Indus Viewpoint in Batalik: LOC की रियलिटी को देखेगा भारत
तीसरी पहल है Indus Viewpoint का निर्माण, जो Batalik Sector में LOC के पास एक विशेष स्थल होगा। यहां आम नागरिकों को पहली बार Line of Control tourism जैसा अनुभव मिलेगा, जहां वे सेना की जीवनशैली, खतरे और कठिनाइयों को नज़दीक से समझ पाएंगे।
सेना के अनुसार, “यह Initiative आम लोगों में देशभक्ति की भावना को और गहराई देगा।”
कारगिल युद्ध: वीरता की अनमोल गाथा
हर साल 26 जुलाई को Kargil Vijay Diwas मनाया जाता है, जो 1999 में Operation Vijay की सफलता का प्रतीक है। लगभग तीन महीने के संघर्ष के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ते हुए कारगिल की ऊँचाइयों पर फिर से नियंत्रण प्राप्त किया था। Batalik Sector उस युद्ध का मुख्य युद्धक्षेत्र था, जहाँ हजारों फीट की ऊँचाई पर हमारे जवानों ने अद्भुत पराक्रम दिखाया।
