गढ़वा: रक्शी गांव के करीमन 60 लोगों के साथ कर रहे हैं कालीन बुनने का काम बोले 150 लोगों को रोजगार की व्यवस्था लेकिन पूंजी की कमी, अधिकारियों ने किया दौरा बोले करेंगे हर संभव मदद

गढ़वा: रक्शी गांव के करीमन 60 लोगों के साथ कर रहे हैं कालीन बुनने का काम - Panchayat Times
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गढ़वा. जिले के धुरकी प्रखंड में कालीन उद्योग को विकसित कर युवकों को रोजगार दिया जा रहा है. इसकी जानकारी प्राप्त होने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी धुरकी रंजीत कुमार सिन्हा ने पहल करते हुए लघु कुटीर उद्योग के प्रखंड समन्वयक अरविंद मिश्रा को रक्शी गांव भेजकर कालीन बुनकरों का सर्वे शुरू कराया है.

इस दौरान प्रखंड समन्वयक ने करीमन प्रजापति व उनके पुत्र सहयोगी शिक्षक संतोष प्रजापति से संपर्क कर रक्शी पंचायत का सर्वे किया. इस दौरान रक्शी पंचायत के कुल 590 कालीन बुनकरों का नाम जोड़ते हुए सीडी तैयार किया गया. जिसमें इस काम से जुड़े 150 महिलाओं का भी नाम शामिल है.

लघु उद्योग के माध्यम से लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास

मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी धुरकी रंजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि लघु उद्योग के माध्यम से लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है. इसके लिए प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि कालीन बुनकरों का एक समूह का गठन कर एक प्रस्ताव तैयार करें और इनके उद्योग को विकसित करने के लिए प्रक्रिया कर प्रखंड कार्यालय को उपलब्ध कराएं. जिसे गढ़वा उपायुक्त को भेजकर इनके रोजगार को बढ़ावा देने को लेकर नाबार्ड से जोड़कर लाभ दिलाया जा सके.

ज्ञात हो कि करीमन इस कोरोना काल में अपने गांव में ही घर पर तिरपाल डालकर कालीन बुनने का कार्य कर रहे हैं. इसमें गांव के 60 युवकों को रोजगार देकर यहां खुद को स्वावलंबी बन रहे हैं. वही गांव के कालीन बुनने वाले हुनरमंद युवकों को भी स्वावलंबी बनने का काम कर रहे हैं.

करीमन का कहना है कि हमारे पास पूंजी का अभाव है इस कारण अपने काम को और आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं अगर हमारे पास पूंजी हो तो गांव में हम और लोगों को रोजगार दे सकते हैं. वर्तमान में 150 लोगों को रोजगार देने की व्यवस्था हमारे पास है लेकिन पूंजी का अभाव है.