कौन हैं कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला, जिनपर टिकीं सबकी निगाहें

नई दिल्ली. कर्नाटक चुनाव के नतीजे आ गए हैं. बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर जरूर सामने आई है, लेकिन बहुमत के जादुई आंकड़े से वह पीछे रह गई है. किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है. ऐसे में कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला का रोल काफी अहम हो जाता है. सबकी निगाहें अब उनकी ओर हैं. यह उनपर ही तय करेगा कि वह सरकार बनाने के लिए किस पार्टी को आमंत्रित करेंगे.

कौन हैं वजुभाई

गुजरात से ताल्लुक रखने वाले वजुभाई गुजरात सरकार में वित्तमंत्री रह चुके हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब  गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे, तब उन्होंने वित्तमंत्री का पद संभाला था. वजुभाई अकेले ऐसे वित्तमंत्री रहे हैं जिन्होंने 18 बार राज्य का बजट पेश किया है.

व्यापारी परिवार से ताल्लुक रखने वाले वजुभाई स्कूल के समय में ही आरएसएस से जुड़ गए थे. 1985 में पहली बार उन्होंने विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन दाख़िल किया. इस सीट से वो सात बार जीते. वहीं वजुभाई अपने बयानों को लेकर भी चर्चा में रहे हैं. मैसूर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने लड़कियों को फ़ैशन से दूर रहने की सलाह दी थी और कहा था कि कॉलेज फैशन करके आने की जगह नहीं है. उनके इस बयान के बाद काफ़ी हंगामा भी हुआ था.

मोदी के लिए ख़ाली की थी सीट

वजुभाई बीजेपी के वही लीडर हैं, जिन्होंने 2002 में नरेंद्र मोदी के लिए अपनी सीट छोड़ी थी. जब नरेंद्र मोदी को विधानसभा चुनाव लड़ना था, तब उन्होंने राजकोट की अपनी सीट खाली कर दी थी और मोदी वहां से पहली बार चुनाव जीते थे. वहीं 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद उन्हें इसका इनाम भी मिला. साल 2014 में जब केंद्र में बीजेपी की सरकार बनी और मोदी प्रधानमंत्री बने तब वजुभाई वाला को इनाम के रूप में कर्नाटक का राज्यपाल बना दिया.

अब जब कर्नाटक चुनाव के नतीजे ऐसे मोड़ पर आ गए हैं कि राज्यपाल पर यह निर्भर करता है कि कौन सी पार्टी को आमंत्रित करेंगे. यानि कुल मिलाकर कर्नाटक में सरकार बनाने को लेकर सबकी निगाहें अब राज्यपाल वजुभाई पर टिकी हैं.