पढ़ाई में नंबर वन केरल के सभी सरकारी स्कूल बने हाई टेक, क्लास में गरीब बच्चों के लिए लैपटॉप, प्रोजेक्टर की सुविधाएं

पढ़ाई में नंबर वन केरल के सभी सरकारी स्कूल बने हाई टेक, क्लास में गरीब बच्चों के लिए लैपटॉप, प्रोजेक्टर की सुविधाएं - Panchayat Times
Source:- Kite

नई दिल्ली. केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने पिछले दिनों घोषणा की कि केरल देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां सरकार द्वारा संचालित और सहायता प्राप्त सभी विद्यालय हाई-टेक क्लासरूम या हाई-टेक लैब से सुसज्जित हैं.

क्या है परियोजना

राज्य के विद्यालयों को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित करने के लिये केरल सरकार द्वारा शुरू की गई योजना के तहत प्राथमिक से उच्च माध्यमिक स्तर तक के 16,027 विद्यालयों को 3.74 लाख डिजिटल गैजेट्स प्रदान किये गए हैं.

राज्य के हाईस्कूल और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में 40,000 कक्षाओं को स्मार्ट कक्षाओं में बदला गया है. राज्य के 12,678 विद्यालयों में हाई स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट सुविधा सुनिश्चित की गई है. साथ ही राज्य के विद्यालयों में तकरीबन 2 लाख लैपटॉप वितरित किये गए हैं.

केरल सरकार की इस परियोजना का कार्यान्वयन केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड टेक्नोलॉजी फॉर एजुकेशन (KITE) द्वारा किया जा रहा था, जो कि राज्य में संचार और सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने के लिये एक नोडल एजेंसी है. वहीं इस परियोजना का वित्तपोषण केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (KIIFB) द्वारा किया जा रहा था.

बच्चों को कैसी सुविधाएं मिलेगी

राज्य के सीएम के अनुसार सरकार की योजना के तहत लैपटॉप, प्रोजेक्टर, वेबकैम और प्रिंटर के साथ तीन लाख से अधिक डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं. स्कूलों में स्टूडियों का भी निर्माण किया गया है. राज्य सरकार ने कहा है कि इस बात का पूरा ध्यान रखा गया है कि सभी प्राइमरी और सेकेंडरी स्कूलों में कम से कम एक स्मार्ट कक्षा और कंप्यूर लैब हो.

केरल सरकार के शिक्षा संबंधी अन्य कार्यक्रम

केरल सरकार ने देशव्यापी लॉकडाउन के कारण विद्यालयों के बंद होने के बाद राज्य के 41 लाख छात्रों को शिक्षा प्रदान करने के लिये ‘फर्स्ट बेल’ नामक ऑनलाइन कार्यक्रम द्वारा नियमित कक्षाएँ प्रारंभ की थीं.

इस ऑनलाइन पहल के अंतर्गत केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड टेक्नोलॉजी फॉर एजुकेशन (KITE) द्वारा नए शैक्षणिक सत्र हेतु कक्षाओं का राज्य सरकार के शैक्षणिक टीवी चैनल विक्टर्स (Victers) पर प्रसारण किया जा रहा है.

इसके अलावा केरल सरकार जनजातीय बच्चों को उनकी मातृभाषा में पढ़ाने के लिये नमथ बसई (Namath Basai) नाम से एक कार्यक्रम का भी संचालन कर रही है. नमथ बसई (Namath Basai) कार्यक्रम को ‘समग्र शिक्षा केरल’ (SSK) द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है.

इस कार्यक्रम के माध्यम से सैकड़ों की संख्या में आदिवासी बच्चों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा प्रदान करने की व्यवस्था की गई है.

2018 में शुरू हुई थी यह योजना

राज्य सरकार ने इस योजना की शुरुआत 21 जनवरी 2018 को की थी. स्मार्ट क्लारूमस के लिए राज्य के 16,027 स्कूलों में 3.74 लाख डिजिटिल उपकरण दिए गए हैं. पहले चरण में राज्य के हाई स्कूल और हायर सेकंडरी स्कूल के 8-12वीं तक के छात्रों के लिए 45 हजार हाई टेक क्लासरूम तैयार हैं. यहीं नहीं, कक्षा 1-7 तक के बच्चों के लिए 11,275 प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूलों में हाई टेक लैब तैयार कर दिए गए हैं.

भारत में सरकारी स्कूलों से संबंधित समस्याएं

एक अनुमान के अनुसार, भारत में 10 लाख से अधिक सरकारी विद्यालय हैं. वर्ष 2017 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में सरकारी विद्यालयों में जाने वाले बच्चों की कुल संख्या लगभग 52.2 प्रतिशत है, जो कि वर्ष 1978 में तकरीबन 74.1 प्रतिशत थी.